विधानसभा की कृषि विकास समिति की समीक्षा बैठक में मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि उद्यानिकी विभाग ने पौधारोपण का एक भी काम नहीं किया, जबकि 25 हजार पौधों के वितरण का दावा किया गया। समिति ने कलेक्टर को जांच टीम बनाकर एक-एक पौधे का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड के आंकड़ों में भी गड़बड़ी सामने आई।
रीवा से गुजरने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण में करीब 8 हजार पुराने पेड़ काटे गए। एजेंसियों ने 10 गुना पौधे लगाने का दावा किया लेकिन मौके पर पौधे नदारद हैं। आरटीआई से फर्जीवाड़ा उजागर हुआ और पीएम-सीएम से शिकायत की गई है।
इंदौर ने पिछले साल के विश्व कीर्तिमान की वर्षगांठ पर 50 हजार से अधिक पौधे रोपे। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने धरती के तीन बड़े संकटों - बढ़ते तापमान, पेस्टीसाइड का उपयोग और घटते जंगल - पर चिंता व्यक्त की। जानें कैसे इंदौर बन रहा हरियाली का वैश्विक मॉडल।















