रीवा-मऊगंज में सड़क निर्माण घोटाले का खुलासा, Economic Offences Wing ने 44 अधिकारी-ठेकेदारों पर केस दर्ज किया, फर्जी इनवाइस से 18.50 करोड़ का भुगतान लेने का आरोप, जांच जारी
सतना जिले की पोड़ी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कई हितग्राहियों के घर बने बिना पूरी राशि निकाल ली गई और 139 आवासों की मजदूरी भी असली श्रमिकों के बजाय अन्य खातों में भेजकर हड़प ली गई। चार सदस्यीय जांच दल ने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली योग्य पाई है। सचिव और सहायक सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी।
रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में फर्जी भुगतान का बड़ा घोटाला सामने आया है। रायपुर–भलुहा–मनगवां रोड, जिसका निर्माण एमपीआरडीसी के अधीन था, उसके नाम पर फर्जी मेजरमेंट बुक बनाकर एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान कर दिया गया। इस घोटाले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री केके गर्ग और एसडीओ ओंकार मिश्रा की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चीफ इंजीनियर आर.एल. वर्मा ने मामले पर टिप्पणी से इंकार किया है।
सतना जिले की तिघरा ग्राम पंचायत में सरपंच-सचिव ने 14 माह में कार्यालय व्यय के नाम पर करीब 4 लाख रुपये खर्च दिखाए। आरोप है कि बिना काम कराए और फर्जी बिलों के जरिए राशि निकाली गई। उपयंत्री की शह पर हुए इस घोटाले की शिकायत लोकायुक्त रीवा, कलेक्टर सतना और जिला पंचायत सीईओ से की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
सतना जिले की पंचायतों में भ्रष्टाचार के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। तदुनहा पंचायत में फर्जी मजदूरी और जेसीबी भुगतान तो खरमसेड़ा पंचायत में लड्डू वितरण के नाम पर हजारों का घोटाला किया गया। ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन खामोश।

















