सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
छतरपुर में मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली घटनाएँ: बारिश में शव का अंतिम संस्कार मुश्किल, मरीज को खाट पर उठाकर ले जाने की मजबूरी। जानिए क्यों प्रशासन के दावों पर उठे सवाल और मंत्री की प्रतिक्रिया।
सतना के रैगाँव क्षेत्र में स्थित सितपुरा–छींदा मार्ग की बदहाल दशा से छात्र, मरीज़ और हजारों ग्रामीण बेहाल; प्रशासन की उदासीनता पर लोग सड़क पर धान रोपकर विरोध की चेतावनी दे रहे हैं।
सतना जिले के नागौद तहसील के द्वारी खुर्द गांव में सड़क नहीं होने के कारण एक महिला को इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई। परिजन चारपाई पर मरीज को अस्पताल ले जा रहे थे। घटना राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र की है, जिससे प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।
कोटर तहसील के सरकारी स्कूल जर्जर भवनों, शिक्षकों की गैरमौजूदगी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा खतरे में है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
सतना के मझगवां क्षेत्र में छात्राएं स्कूल में पढ़ाई की जगह पानी ढोने को मजबूर हैं। नल-जल योजना कागजों तक सीमित, जिम्मेदारों पर सवाल खड़े।


















