मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघिन N6 ने चार शावकों को जन्म दिया है। पेंच से लाई गई इस बाघिन की इस उपलब्धि से रिजर्व में बाघों की संख्या 30 के पार हो गई है।
सीधी जिले के नेबुहा गांव में बघेला रिसॉर्ट के आसपास बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों के साथ पांच दिनों से सक्रिय है। मवेशियों के शिकार और रात में बढ़ती हलचल से दहशत का माहौल, वन विभाग अलर्ट मोड पर है।
संजय टाइगर रिजर्व में वर्चस्व की लड़ाई के बीच बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों की सुरक्षा के लिए जंगल छोड़ रिसोर्ट परिसर में पहुंच गई। वन विभाग की निगरानी और इलाके में अलर्ट जारी है।
देश का पहला इंटर स्टेट बाघ ट्रांसलोकेशन (अंतर-राज्यीय बाघ स्थानांतरण) का कार्य आखिरकार पूरा हो गया। अभियान के 24वें दिन पेंच प्रबंधन को चकमा दे रही बाघिन पीएन-224 को पकड़कर राजस्थान भेजने सफतलपूर्वक एयर लिफ्ट कर लिया गया है।
सीधी के संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी वन परिक्षेत्र में बाघिन टी-60 के दो शावक मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में टेरिटरी विवाद के चलते नए नर बाघ के हमले की आशंका जताई गई है। वन विभाग ने निगरानी और ट्रैकिंग बढ़ा दी है।
चित्रकूट के सरभंगा जंगलों में रविवार को दो बाघ सड़क पर विचरण करते नजर आए, जिनका वीडियो राहगीरों ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। पन्ना से आई बाघिन के बाद अब सरभंगा में 34 बाघों का कुनबा विकसित हो चुका है। वन विभाग ने कंजर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।


















