रीवा के संजय गांधी अस्पताल में युवक-युवती के शव फ्रीजर की बजाय स्ट्रेचर पर पड़े रहे। दुर्गंध फैलने पर परिजन भड़क उठे। मर्चुरी प्रबंधन और अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
भोपाल की पिपलानी पुलिस पर एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं, खासकर इंजीनियर उदित गायकी की कथित पिटाई से हुई मौत के मामले के बाद। यह नया मामला 19 अक्टूबर की रात एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 55 वर्षीय शेफ राम बहादुर से जुड़ा है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के मर्चुरी मार्ग पर खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। जहां मरीजों और मृतकों के परिजन गुजरते हैं, वहां गंदगी और बदबू से हाल बेहाल है। स्वच्छता के नाम पर ठेका व्यवस्था की पोल खोलती यह तस्वीर प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।















