एफसीआई में चावल जमा कराने के दौरान स्टैकिंग शुल्क के नाम पर मिलरों से वसूली, दोहरे भुगतान और ढाई करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने पारदर्शिता तथा जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सतना में एफआरके पर रोक के बावजूद सीएमआर लेने से इनकार का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, राइस मिलर्स को नुकसान, केंद्र-राज्य निर्देशों में विरोधाभास, कोर्ट ने स्पष्ट स्थिति पेश करने के निर्देश दिए
सतना से उठे धान मिलिंग विवाद में 67 फीसदी नियम पर सवाल, मिलर्स के अनुसार केवल 30-32 फीसदी चावल निकल रहा, हाईकोर्ट ने 55 फीसदी राहत दी, नीति और गुणवत्ता पर बड़ा संकट सामने आया
सतना और मैहर में प्रतिबंध के बावजूद मिलर्स द्वारा 40 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस मिलाने का खुलासा हुआ। स्टेट मिलिंग रिपोर्ट ने नियम उल्लंघन और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
















