सीधी जिले के नेबुहा गांव में बघेला रिसॉर्ट के आसपास बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों के साथ पांच दिनों से सक्रिय है। मवेशियों के शिकार और रात में बढ़ती हलचल से दहशत का माहौल, वन विभाग अलर्ट मोड पर है।
संजय टाइगर रिजर्व में वर्चस्व की लड़ाई के बीच बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों की सुरक्षा के लिए जंगल छोड़ रिसोर्ट परिसर में पहुंच गई। वन विभाग की निगरानी और इलाके में अलर्ट जारी है।
सीधी के संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी वन परिक्षेत्र में बाघिन टी-60 के दो शावक मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में टेरिटरी विवाद के चलते नए नर बाघ के हमले की आशंका जताई गई है। वन विभाग ने निगरानी और ट्रैकिंग बढ़ा दी है।
सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व में बाघ T-43 की संदिग्ध मौत ने वन विभाग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और संगठनों का आरोप है कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि संगठित शिकार और भ्रष्टाचार का नतीजा हो सकता है। स्थानीय लोग उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
संजय टाइगर रिजर्व सीधी के दुबरी परिक्षेत्र में बाघ टी-43 की करंट से मौत हुई। शिकारियों द्वारा 11 हजार केव्ही लाइन से करंट फैलाने पर बाघ फंस गया और मौके पर ही मारा गया। वन विभाग ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन लगातार हो रही बाघों की मौत से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल।

















