मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर जारी घमासान के बीच केंद्र सरकार इस महीने के आखिर में संसद का एक विशेष सत्र बुला सकती है। संसद के इस विशेष सत्र को बुलाने के पीछे की वजह परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े बिलों को फिर से संसद के सामने पेश करके पास कराना है।
नौ साल पहले ट्रकों की आवाजाही पर नजर रखने और टैक्स चोरी रोकने के मकसद से शुरू किया गया ई-वे बिल अब सब्सिडी वाले खाद की कालाबाजारी पकड़ने में सबसे बड़ा डिजिटल हथियार साबित हुआ है।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस कानून का आधिकारिक नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट आफ 2026 रखा गया है।
अमेरिकी संसद में रूस पर प्रतिबंधों को सख्त करने वाला विधेयक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रतिनिधि सभा में समयसीमा नजदीक आने के बीच अमेरिकी सांसदों ने विधेयक में कई बड़े संशोधन पेश किए हैं। इनमें भारत सहित रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर 100% तक द्वितीयक शुल्क लगाने का प्रस्ताव शामिल है।
मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समाज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा। भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू कर मुस्लिमों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
कई देशों पर टैरिफ लगाने को लेकर अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार चर्चा में रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, सीनेट से पारित एक विधेयक के बाद ट्रंप को नई ताकत मिलने का अनुमान है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके।
SEO विवरण (Description): संसद से 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल 2026' पारित हो गया है। जानिए 2 साल से अधिक देरी पर नए नियम, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की भूमिका और फर्जीवाड़े रोकने के उपायों के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से।
पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए संसद द्वारा पारित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार! FCPPA सरचार्ज 3.77 प्रतिशत हुआ, जिससे बिल ₹35 से ₹87 तक बढ़े। जानिए बिजली संकट और बढ़ती मांग की पूरी जानकारी।






















