मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समाज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा। भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू कर मुस्लिमों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
कई देशों पर टैरिफ लगाने को लेकर अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार चर्चा में रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, सीनेट से पारित एक विधेयक के बाद ट्रंप को नई ताकत मिलने का अनुमान है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके।
SEO विवरण (Description): संसद से 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल 2026' पारित हो गया है। जानिए 2 साल से अधिक देरी पर नए नियम, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की भूमिका और फर्जीवाड़े रोकने के उपायों के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से।
पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए संसद द्वारा पारित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार! FCPPA सरचार्ज 3.77 प्रतिशत हुआ, जिससे बिल ₹35 से ₹87 तक बढ़े। जानिए बिजली संकट और बढ़ती मांग की पूरी जानकारी।
कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर लोकसभा में 50 मिनट भाषण दिया। इस दौरान इडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए।
लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा। जानिए संसद सत्र की सभी बड़ी और लाइव अपडेट्स।
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन बिल पर विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को गतिरोध जारी रहा। मंगलवार दोपहर 12 बजे से छह घंटे से अधिक चर्चा होने की संभावना है।
देशभर में जारी नीट-यूज पेपर लीक विवाद की गूंज आज संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 25 जुलाई को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन परिसर में एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और साथ लेकर सदन के अंदर गए।






















