देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अपने कुल बजट का औसतन केवल 13.76 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च कर रही है।
देश की न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर वर्ष 2011 से अब तक 9,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दशकों से अदालतों में धूल फांक रहे मुकदमों के निपटारे पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और फिजूलखर्ची को रोकने के उद्देश्य से देश में एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी की नीति लागू कर दी गई है।















