इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश लेने के लिए जल्द ही एनटीए की ओर से जेईई मेन-2026 के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। जो अभ्यर्थी JEE Main Admission 2027 के लिए अप्लाई करना चाहते हैं। वे एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
Asian Games 2026: भारत ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-5 में एंट्री कर ली है। सुजीत कलकल, अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने जीते स्वर्ण पदक। देखें पूरी अपडेटेड पदक तालिका।
भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित दारुल शफकत यतीमखाने की जमीन और अस्पताल के किराए को लेकर विवाद गहरा गया है। वक्फ बोर्ड ने करोड़ों की रिकवरी का दावा किया है, वहीं बच्चों की पानी की आपूर्ति ठप होने का भी आरोप है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट से लगातार पांच बार विधायक रहे और टीएमसी सरकार में पूर्व मंत्री व विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर 75 वर्षीय डॉ. आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटकता मिला।
राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर पढ़ें इसकी रचना, बंकिम चंद्र चटर्जी का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास और इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इसके साथ भोपाल के लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सीएम ने कहा कि समिति सभी सुझावों का अध्ययन कर रही है और उपयोगी सुझावों को अंतिम मसौदे में शामिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तिराहा पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक सियासी झटके लग रहे हैं। दरअसल, आज एक बार कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।
बंगाल की सियासत आज यानी शनिवार तड़के उस वक्त अचानक गरमा गई, जब शालबनी थाना और कोलकाता पुलिस की एक विशाल टीम ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट (पटुआपाड़ा) स्थित आवास पर धावा बोल दिया।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार ने तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है। ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया और उसके बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए।






















