उत्तरप्रदेश के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह 6:30 बजे मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें और धुआं दूर से दिखाई देने लगा। हादसे के बाद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
उत्तरप्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आज सुबह तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार तीन लोग डिवाइडर के ऊपर से उछलकर एक्सप्रेसवे की जाली पार करते हुए आरओडब्ल्यू क्षेत्र में पत्थरों पर जा गिरे।
बैंकॉक से दिल्ली जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। स्थिति को देखते हुए पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
लखनऊ के गोमतीनगर में एसबीआई कर्मचारी मानस बाजपेई ने अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या की। जानिए इस दर्दनाक मामले की पूरी जानकारी और व्हाट्सएप स्टेटस का राज।
उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर पुलिस ने अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। संजीव पर 1 लाख का इनाम घोषित था और वह कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित था। याही नहीं संजय बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का भी मुख्य आरोपी था।
उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ की कोचिंग में आग लगने की घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। आज यानी मंगलवार को सुबह 11 बजे हादसे की जांच के लिए एसआईटी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिल्डिंग सील कर जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग। पहली मंजिल से कूदने से कई छात्र घायल। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद, राहत और बचाव कार्य जारी।
उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर औरास क्षेत्र में तेज रफ्तार स्लीपर बस चालक को झपकी लगने से अनियंत्रित हो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में बस में बैठे बिहार के एक दारोगा व कैदी समेत छह की मौत हो गई।
उत्तरप्रेश में बीती रात भीषण हादसा हो गया। लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रात करीब दो मटसेना थाना क्षेत्र के माइल स्टोन 46 किमी पर कानपुर से गुरुग्राम जा रही बस ने आगे चल रहे कंटेनर में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस पलट गई और उसमें तुरंत आग लग गई।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि पहला मातृत्व अवकाश लेने के दो वर्ष के भीतर दूसरे मातृत्व अवकाश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस विषय में वित्तीय हैंडबुक (वित्तीय नियम संग्रह) के प्रावधान मातृत्व लाभ कानून के ऊपर नहीं हो सकते हैं।






















