सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में अब राजा महाराजाओं के समय की परंपराएं लौटने जा रही है, जो भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आएंगे, वो भव्य द्वारों से होकर मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद ये फैसला लिया गया ह। महाकाल मंदिर पहुंचने वाले रास्तों पर प्रवेश द्वार बनेंगे।














