मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कमला पार्क सड़क पर रातभर से डटे इंटर्न डॉक्टरों ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के विरोध में आज पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखने का ऐलान किया है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून के उग्र रूप से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिहार में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। वहीं मध्य प्रदेश में नदियां उफान पर हैं और उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
देश के रिटेल बाजार में चीनी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है। पिछले एक हफ्ते में चीनी का औसत रिटेल भाव 3.85 फीसदी घटकर 62.57 रुपए प्रति किलो पर आ गया है, जो एक हफ्ते पहले 65.08 रुपए प्रति किलो था।
रक्षाबंधन का त्यौहार जहां खुशियां लेकर आता है। वहीं इस बार मध्यप्रदेश में अपने घर जाने वाले आम यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी मुसीबत से कम साबित नहीं हो रहा।आलम यह है कि इंदौर से पुणे का बस किराया कई जगह फ्लाइट के टिकट के बराबर पहुंच गया है।
आज सोना महंगा हुआ है तो वहीं, चांदी के रेट गिर ही गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के अनुसार, 24 कैरेट सोने का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.67 फीसदी बढ़कर यानी 1087 रुपए तेजी के साथ 1,63,525 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
भारत में चीनी के दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं। सिर्फ अगस्त में ही चीनी के दाम 20 फीसदी तक बढ़े हैं। चीनी उद्योग का कहना है कि देश में चीनी की कमी नहीं है। वहीं मध्यप्रेदश की राजधानी भोपाल में मिठास पर महंगाई का चाबुक चल गया है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट से लगातार पांच बार विधायक रहे और टीएमसी सरकार में पूर्व मंत्री व विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर 75 वर्षीय डॉ. आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटकता मिला।
देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में मानसूनी आफत ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं। हाईवे जलमग्न हो चुके हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।






















