राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नई रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी मध्य प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। वहीं प्रदेश में महिलाओं, खासकर गृहिणियों के बीच आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी ने चिंता और बढ़ा दी है।
कुछ महीने पहले रिलीज हुए अभिनेत्री नोरा फतेही के गाना सरके चुनर पर जमकर विवाद हुआ था। अब गुरुवार को इस मामले में एक्ट्रेस राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुईं। यहां उन्होंने मीडिया से बात कर अपनी सफाई दी। गौरतलब है कि इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही से पहले संजय दत्त को तलब किया था।
मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए रेखा यादव ने सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। उनके साथ ही नवनियुक्त सदस्य साधना स्थापक ने भी कार्यभार संभाला।
मध्य प्रदेश सरकार ने 6 साल बाद राज्य महिला आयोग में नई नियुक्तियां की हैं। रेखा यादव को अध्यक्ष और साधना स्थापक को सदस्य बनाया गया है। जानिए क्या था विवाद और क्यों है यह नियुक्ति अहम।
देशभर में महिला सशक्तीकरण का मॉडल बन चुके मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रही है। दरअसल, नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक भले ही लोकसभा में गिर गया, पर देशभर में महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो गए हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को प्रस्तावित है। सदन में पहली बार संसद से पारित नहीं होने वाले बिल पर चर्चा होगी। इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। वहीं, कांग्रेस 2023 में पारित महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सदन में संकल्प पत्र लाने की तैयारी में है।
मध्यप्रदेश के खंडवा में महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक चार हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाई है। पर्यवेक्षक ने नियुक्ति के बदले 50 हजार रुपए की मांग की थी। जिसकी पहली किश्त लेते इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने दबोच लिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए देश भर के 10 प्रमुख शहरों को सेफ सिटीज परियोजना के अंतर्गत चयनित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश से ऐतिहासिक नगरी एवं आदिवासी बाहुल्य धार जिले को शामिल किया गया है।
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल पास नहीं हो पाने के बाद भाजपा महिलाओं का समर्थन जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी के चलते मध्य प्रदेश में लंबे समय से रुकी हुईं राजनीतिक नियुक्तियों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है।
लोकसभा में महिला सशक्तिकरण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर दिल्ली में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने पत्रकारवार्ता कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया है।






















