रिलायंस जियो ने 27 करोड़ नए शेयरों के साथ अपने आईपीओ के लिए SEBI में ड्राफ्ट फाइल किया। जानिए जियो के भविष्य के AI प्लान और आईपीओ से जुड़ी हर जानकारी।
रिलायंस जियो के IPO की चर्चा जोरों पर है। क्या जियो का IPO भारतीय बाजार का सबसे बड़ा इश्यू बनेगा? जानिए जियो के बिजनेस मॉडल, IPO फाइलिंग और निवेशकों के लिए इसके मायने।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक सियासी झटके लग रहे हैं। दरअसल, आज एक बार कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई समेत अन्य बैंकों की कार्यप्रणाली पर बेहद सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने एसबीआई की तरफ से पेश हुईं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे से कहा कि वे कोर्ट की इस गंभीर चिंता को बैंक के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।
देशभर में हो रही कफ सीरप की कालाबाजारी और बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। हालांकि इस तरह की कवायद भी पहले भी की जा चुकी है, लेकिन मनमानी पर रोक नहीं लग पाई है। जहां आज पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए केंद्र ने कड़ा और बड़ा कदम उठाया है।
नीट पेपर लीक केस से दुनिया भर में हुई किरकिर और बच्चों की आत्महत्या के बाद सरकार सख्त कदम उठाने ला रही है। दरअसल, केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है।
बंगाल की सियासत आज यानी शनिवार तड़के उस वक्त अचानक गरमा गई, जब शालबनी थाना और कोलकाता पुलिस की एक विशाल टीम ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट (पटुआपाड़ा) स्थित आवास पर धावा बोल दिया।
OTT Releases This Week: 12 जून का शुक्रवार ओटीटी लवर्स के लिए बेहद खास है। अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' से लेकर अली फज़ल की 'राख' तक, नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो पर रिलीज हुईं ये 7 धमाकेदार फिल्में और वेब सीरीज। देखें पूरी लिस्ट।
उत्तरप्रदेश के मथुर में वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पास दो दिन पूर्व एक भवन का छज्जा गिरने से नौ श्रद्धालु घायल हो गए थे, लेकिन खतरे और भी हैं। श्रीबांकेबिहारी मंदिर की इमारत ही अब जर्जर और कमजोर हो रही है। इसके छज्जों और दीवारों में दरारें आ गई हैं।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार ने तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है। ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया और उसके बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए।






















