मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जहां मध्यप्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें धार की भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर फैसला हुआ। इसके साथ ही गोरस एप शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया।
मोहन कैबिनेट में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। इसमें सबसे खास यह है कि गरीब परिवारों को आबादी की भूमि पर काबिज होने की स्थिति में नि:शुल्क रजिस्ट्री की सुविधा देने का फैसला लेने जा रही है। कैबिनेट में राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
पश्चिम बंगाल में आज मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। दरअसल बंगाल में भाजपा के 35 विधायकों ने शुभेंदु सरकार में मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से उनके निवास पर पुष्प-गुच्छ भेंट कर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के बाद कायस लगाए जा रहे हैं कि जून के पहले सप्ताह तक कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय हो सकते हैं। बैठक में सबसे अहम विषय तबादला नीति 2026 को माना जा रहा है, जिसका प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट में बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इससे मत्रियों में हड़कंप मचा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि फिसड्डी विभागों के मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी। इस बदलाव में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन भी अहम रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने मध्य प्रदेश के विकास के लिए ₹29,540 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें पेंशन, सड़क निर्माण और बुदनी मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद सीएम ने कहा बातचीत अच्छी रही। हम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाते हैं कि डबल-इंजन की सरकार में विकास से जुड़े सभी काम पूरे किए जाएंगे।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति में देरी पर एमपी सरकार को फटकार लगाई। जानें क्या है पूरा विवाद और कोर्ट की टिप्पणी।





















