देशभर में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गुजरात में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र भारी हंगामे और राजनीतिक खींचतान के बीच निर्धारित समय से दो दिन पहले यानी महज तीन दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। पूरे सत्र के दौरान बेरोजगारी, शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन से लेकर परिसर तक जमकर राजनीतिक गहमागहमी रही। एक ओर जहां कांग्रेस विधायकों ने अनोखे अंदाज में सांकेतिक नाटक का मंचन कर सरकार को घेरा। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब देने की रणनीति तैयार की।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद गहराया। विधानसभा सत्र के पहले दिन ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन। जानें क्या है 27% आरक्षण और 13% होल्ड का पूरा मामला।
मध्य प्रदेश में पिछले 12 दिनों से व्यापक बारिश न होने से वर्षा का घाटा 16% तक पहुंच गया है। 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कब तक राहत की उम्मीद जताई है।
देशभर में मानसून सक्रिय हो गया है। कई राज्यों में आफत की बारिश हो रही है। लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं शासन-प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट नजर आ रहा है। इधर, उत्तराखंंड में लगातार हो रही भारी वर्षा, और मौसम विभाग के रेड-आॅरेंज अलर्ट के बीच चारधाम यात्रा को अस्थायी समय के लिए रोक दिया गया है।
मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने हंगामा कर दिया। सदन की कार्यवाही 12 मिनट ही चल सकी। जिसके बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी है। विपक्षी नेताओं ने नीट यूपी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर आए।
आज से मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान यूसीसी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं कांग्रेस कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, ओबीसी आरक्षण, बिजली संकट और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित लोगों के विस्थापन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
देशभर में मानसून के दूसरी बार सक्रिय होने से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड और सिक्किम, बंगाल के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
जानिए देश के मानसून का हाल। जहाँ एक ओर राजस्थान, दिल्ली और एमपी में गर्मी बढ़ी है, वहीं पूर्वी भारत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ओडिशा और असम के ताजा हालात यहाँ पढ़ें।






















