दीवाली के त्योहारी सीजन से पहले सर्राफा बाजार से आम जनता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है, जिससे खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
केंद्र सरकार ने तय सीमा से अधिक कीमत पर दवाएं बेचने वाली कंपनियों पर कुल 10,029.8 करोड़ का जुर्माना (ओवरचार्जिंग रिकवरी आर्डर) लगाया था। हालांकि, इसमें से अब तक केवल 1,582.4 करोड़ की ही वसूली हो सकी है, जबकि 8,447.4 करोड़ की राशि अभी भी वसूल की जानी बाकी है।
फ्रांस में महंगाई, स्कूलों की बदहाली और पुलिस की सख्ती के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। पेरिस समेत देश के कई प्रमुख शहरों में लाखों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
त्योहारों के दौरान देश में चीनी की किल्लत और महंगाई को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने टैरिफ रेट कोटा के तहत 10 लाख टन कच्चे चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समय सीमा को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है।
लद्दाख में पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के साथ पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के अनुसार लद्दाख के सभी पंचायत हलको में 21 नवंबर को आम चुनाव कराए जाएंगे और यह प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी की जाएगी।
भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। तत्काल प्रभाव से पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण किया गया है।
मध्य प्रदेश में इस साल मानसून की बेरुखी से राज्य के आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका है, जिनमें से 11 जिलों में तो 80 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज की गई है।
आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन की तैयारी कर रहे आम परिवारों के लिए बाजार से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज यानी सोमवार को सोने और चांदी दोनों के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीआई भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है और इससे मिलने वाली राशि भारत सरकार के समेकित कोष में नहीं जाती।






















