संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों पर सख्त आपत्ति जताई है। भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा-आतंक के संरक्षकों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देंगे। भारत शांति की भाषा न समझने वालों को जवाब देना अच्छे से जानता है और जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक यह जल-बंटवारा समझौता निलंबित ही रहेगा।
भारत सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई करेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने देश के सख्त रुख को दोहराते हुए पाकिस्तान को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान सेना के जवानों ने जिस अद्वितीय सटीकता, बेहतरीन तालमेल और तीनों सेनाओं के बीच मजबूत समन्वय का प्रदर्शन किया, वह आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक बन गया है।
















