सुप्रीम कोर्ट ने देश में मृत्युदंड देने के लिए फांसी के बजाय किसी कम दर्दनाक विकल्प-जैसे जहरीला इंजेक्शन या गोली मारने को अपनाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस याचिका के खारिज होने से भविष्य में इस मुद्दे पर वैधानिक व वैज्ञानिक जांच का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होता।
देशभर के कुत्ता प्रेमियों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार के साथ बड़ा झटका भी दिया है। जी हां... सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनकी नसबंदी से जुड़े, 7 नवंबर 2025 के अपने आदेश में बदलाव या उसे वापस लेने की सभी अर्जियों और याचिकाओं को एक ही झटके में खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि समाज की अंतरात्मा को संतुष्ट करने के लिए ऐसे मामलों में कठोरता सजा जरूरी है। घटना 24 सितंबर 2024 को घटी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जिला कोर्ट में पेश किया। जहां अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई।















