चित्रकूट के जंगलों में कोयल की बदली आवाज ने जिज्ञासा बढ़ाई है। विशेषज्ञों के अनुसार टिस-टिस की ध्वनि फीमेल कोयल की है, जबकि सुरीली आवाज मेल कोयल की होती है।
आज 22 जुलाई को याद करें महान पार्श्वगायक मुकेश कुमार को। जानें कैसे उनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ और उन्हें 'दर्द भरे नगमों का शहंशाह' बनाया। एक ऐसी आवाज़ जो आज भी अमर है।
ईयरफोन और ईयरबड्स से बहरेपन का खतरा: हर माह 150 मरीज, 70% युवा प्रभावित















