मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की। अब सभी सरकारी शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जानें कोर्ट के फैसले का कारण।
सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 16 सितम्बर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर ई-अटेंडेंस और सेवा समाप्ति का विरोध जताया गया। टीकाकरण दर बढ़ाने के लिए कार्यशाला भी आयोजित हुई।
सतना जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में अब ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। सार्थक ऐप से उपस्थिति दर्ज होने पर ही सितंबर माह की सैलरी जारी होगी। जीपीएस लोकेशन, फेस रिकग्नाइजेशन और ड्यूटी रोस्टर के आधार पर जांच की जाएगी। आदेश का पालन न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
सतना जिले में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू कर दी है। अब चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, आउटसोर्स कर्मचारी और अतिथि शिक्षक सभी की उपस्थिति सार्थक ऐप और हमारे शिक्षक पोर्टल पर दर्ज होगी। जिले को 11 जोन में बांटकर रिपोर्टिंग ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। अक्टूबर से वेतन और मानदेय केवल डिजिटल उपस्थिति के आधार पर ही जारी किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में शिक्षक और अतिथि शिक्षक (गेस्ट टीचर्स) की ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई के पहले 15 दिन में पूरी तरह फेल हो गई है। इसी को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सख्त कदम उठाया है। अतिथि शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्त लहजे में कहा है कि यह व्यवस्था 18 जुलाई से प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू होगी।
सतना और मैहर जिलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का दूसरा चरण 5 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। वहीं नियमित शिक्षक डिजिटल हाजिरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों को भी अब 'हमारे शिक्षक' ऐप से ई-अटेंडेंस लगानी होगी।


















