मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में 100-100 किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने, बागवानी बढ़ाने और भावान्तर योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पराली जलाने पर सख्त रोक के भी निर्देश।
सतना जिले में इस वर्ष धान का रकबा लगभग 20% बढ़कर 2,05,460 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पराली प्रबंधन के लिए जिले में सुपर सीडर, बेलर, जीरो टीलेज जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 50 हजार टन पराली की वार्षिक आवश्यकता को देखते हुए कलेक्शन सेंटर और हाइटेक हब स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर ने पराली जलाने की घटनाएं रोकने के निर्देश दिए।














