सेरेब्रल पाल्सी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक गंभीर और दर्दनाक बीमारी है, जो गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद भी हो सकती है। इस बीमारी में बच्चे का मस्तिष्क कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर की कई नसें काम करना बंद कर देती हैं। सतना जिले के पीकू वार्ड में हर साल 100 से अधिक बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होकर भर्ती किए जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन फिजियोथेरेपी बच्चों के जीवन में सुधार लाने का सबसे बड़ा सहारा है।
आधुनिक जीवनशैली, गलत एक्सरसाइज, मोबाइल-लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल और सड़कों के गड्ढों से बढ़ती दर्द की समस्याओं का हल अब फिजियोथेरेपी से संभव है। सतना जिला अस्पताल में हर साल हजारों मरीज फिजियोथेरेपी का लाभ उठा रहे हैं। जानिए कैसे फिजियोथेरेपी घुटनों, कमर, गर्दन, जोड़ों, लकवा और खेलों की चोट जैसे रोगों में असरदार इलाज साबित हो रही है।
8 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। जानें फिजियोथेरेपी का महत्व, इतिहास और शारीरिक स्वास्थ्य में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका।















