सिंगरौली में जनजातीय कार्य विभाग के स्थापना प्रभारी को लोकायुक्त रीवा की टीम ने 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी वेतन वृद्धि और एरियर भुगतान के बदले रिश्वत मांग रहा था।

हाइलाइट्स
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त संगठन की लगातार कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली में पदस्थ एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी कर्मचारी शिकायतकर्ता से वेतन वृद्धि एवं एरियर राशि जारी कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा द्वारा यह ट्रैप कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता श्रवण तिवारी 46 वर्ष निवासी ग्राम नौढ़िया वीरान पोस्ट एवं थाना जियावन ने 25 मई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना देवसर में भृत्य पद पर 2 मार्च 2020 से कार्यरत है। वर्ष 2024 से 2026 तक उसकी वेतन वृद्धि लंबित थी और संबंधित एरियर राशि भी नहीं मिली थी। इस संबंध में जब उसने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली के कार्यालय में पदस्थ बाबू एवं स्थापना प्रभारी मुन्नालाल वर्मा से संपर्क किया तो आरोपी ने वेतन वृद्धि लगाने तथा एरियर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर मामले का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए और आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की। शुक्रवार 29 मई को गठित विशेष टीम ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली स्थित कार्यालय में जाल बिछाया। निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी के पास पहुंचा और रिश्वत की राशि के रूप में 5 हजार रुपये दिए। जैसे ही आरोपी मुन्नालाल वर्मा ने राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान स्वतंत्र शासकीय गवाहों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। आरोपी से पूछताछ के साथ आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक एसआर मरावी एवं निरीक्षक संदीप भदौरिया ने किया। कार्रवाई में दो स्वतंत्र शासकीय गवाहों सहित 12 सदस्यीय लोकायुक्त टीम शामिल रही। टीम ने पूरे घटनाक्रम को नियमानुसार संपन्न करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।


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