एमपी के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई चार्जशीट के बाद ट्रायल उसी कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है जहां से अग्रिम जमानत मिली थी।

मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच के बाद न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले को विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) पल्लवी द्विवेदी की अदालत में ट्रांसफर कर दिया है। इसी विशेष अदालत ने पहले रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, और वे फिलहाल जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, निचली अदालतों को प्राथमिकता के आधार पर चार्जशीट दाखिल होने के बाद 60 से 90 दिनों के भीतर आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जिससे इस मामले में भी जल्द ही आरोप तय होने की उम्मीद है।
सीबीआई ने इस मामले में 17 अगस्त को भोपाल कोर्ट में रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे व मृतका के पति समर्थ सिंह के खिलाफ चालान (चार्जशीट) पेश किया था। चार्जशीट में जांच के दौरान सामने आए कई अहम तथ्यों का खुलासा किया गया है। सीबीआई दस्तावेजों के मुताबिक, एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले थे, जबकि इसके विपरीत एम्स भोपाल की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर चोट के 6 निशान होने की बात सामने आई थी। इन विरोधाभासी मेडिकल रिपोर्ट्स और साक्ष्यों के आधार पर अब अदालत में आगामी ट्रायल की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
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विवरण: जानिए मामले की पूरी अपडेट।
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भोपाल में रहवासी इलाकों में नगर निगम की कमर्शियल सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया। सीएम हाउस जा रहे व्यापारियों को पुलिस ने रोका।
एमपी के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई चार्जशीट के बाद ट्रायल उसी कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है जहां से अग्रिम जमानत मिली थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने भोपाल में पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही, सेवानिवृत्त आईपीएस की सलाहकार के पद पर नियुक्ति और आरजीपीवी को तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई है।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के केस में मंत्री विजय शाह को लोक भवन से राहत मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है। चूंकि अब मामला राज्यपाल के पास पहुंच गया है। इधर, इसी बीच मंगलवार को मंत्री विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने की अनुमति देने की मांग कांग्रेस विधायक दल ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए आयोजित लैपटॉप वितरण समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में 75 फीसदी या उससे अधिक अंक पाने वाले 1 लाख 22 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए (कुल 304.98 करोड़ रुपए) सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। गुजरात सरकार की ओर से 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े कई मामलों में उन्होंने पैरवी की।
मध्य प्रदेश के ओरछा में संपन्न हुई बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक। 2028 के विधानसभा चुनाव, संगठन की मजबूती और सरकार की उपलब्धियों पर हुआ बड़ा मंथन।
भोपाल स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई हुई। कोलकाता की कंपनी के 50 लाख के बकाए (ब्याज समेत 4 करोड़) के चलते गाड़ियां और दफ्तर का सामान कुर्क किया गया।
भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित दारुल शफकत यतीमखाने की जमीन और अस्पताल के किराए को लेकर विवाद गहरा गया है। वक्फ बोर्ड ने करोड़ों की रिकवरी का दावा किया है, वहीं बच्चों की पानी की आपूर्ति ठप होने का भी आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल के रहवासी इलाकों में अवैध रूप से चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानिए पूरी खबर, व्यापारियों की प्रतिक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश।