अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई। जानें पश्चिम एशिया संकट, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके असर को लेकर क्या हुई चर्चा।
By: Ajay Tiwari
Mar 24, 20266:50 PM
नई दिल्ली/वॉशिंगटन: स्टार समाचार वेब
ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध और मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। मंगलवार को हुई इस हाई-प्रोफाइल बातचीत की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के जरिए साझा की।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की मौजूदा अस्थिर स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत का सबसे अहम बिंदु हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना रहा। रणनीतिक रूप से यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए 'लाइफलाइन' माना जाता है।
चिंता: यदि ईरान इस जलमार्ग को बंद करता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
सहमति: दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस मार्ग को निर्बाध रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच यह पहली आधिकारिक बातचीत है। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप ने एक दिन पहले ही ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को 5 दिनों के लिए टालने की घोषणा की थी, ताकि बातचीत का रास्ता खुल सके। हालांकि, जमीन पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और ईरान-इजरायल एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का पीएम मोदी को फोन करना भारत की बढ़ती वैश्विक साख और मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए भारत की मध्यस्थता की संभावनाओं को दर्शाता है। यह बातचीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिरता के लिहाज से भी निर्णायक साबित हो सकती है।