अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की जांच शुरू, चीन को टैरिफ की धमकी और भारत के लिए ईरान का बड़ा बयान। पढ़ें विस्तार से।

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक नए चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेशानुसार ईरान के खिलाफ घोषित 'समुद्री नाकाबंदी' (Naval Blockade) आज शाम 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार) से प्रभावी हो गई है। इस कड़े फैसले के तहत अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले हर जहाज पर अमेरिकी नौसेना की पैनी नजर रहेगी।
ट्रम्प प्रशासन का यह कदम सीधे तौर पर ईरान के राजस्व स्रोत पर चोट करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि जो भी जहाज ईरान को 'गैरकानूनी' टोल का भुगतान करेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) नहीं दिया जाएगा। अमेरिकी नौसेना संदिग्ध जहाजों को रोककर उनकी गहन जांच करेगी। ट्रम्प ने कल ही चेतावनी दी थी कि ईरान की आर्थिक ताकत को शून्य करने के लिए यह नाकाबंदी अनिवार्य है।
इस वैश्विक तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से अब तक कोई टोल नहीं लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में पूर्ण सहयोग करेगा।
चीन पर भारी टैरिफ का खतरा: ट्रम्प ने बीजिंग को सीधी चेतावनी दी है कि यदि चीन ने ईरान को किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता प्रदान की, तो अमेरिका चीनी आयात पर 50% तक का भारी टैरिफ (Tariff) लगा देगा।
टोल को लेकर टकराव: ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह उसके संप्रभु नियंत्रण में है। ईरान ने वहां से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए अपनी मुद्रा 'रियाल' में टोल देना अनिवार्य कर दिया है, जिसे अमेरिका ने अवैध घोषित किया है।
जासूसी के आरोप में गिरफ्तारियां: ईरान के भीतर आंतरिक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उन पर अमेरिका और इजराइल को देश की संवेदनशील और सैन्य जानकारी लीक करने का संदेह है।
इजराइल-जॉर्डन तनाव: इजराइली मंत्री बेन गविर के अल-अक्सा मस्जिद दौरे ने धार्मिक भावनाओं को भड़का दिया है। जॉर्डन ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और उकसावे वाली कार्रवाई बताया है।
अमेरिकी नौसेना की तैनाती: अमेरिकी युद्धपोतों ने होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक पॉइंट्स पर अपनी पोजीशन ले ली है। नाकाबंदी का उद्देश्य उन जहाजों को रोकना है जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरान के साथ व्यापारिक या वित्तीय संबंध बनाए हुए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अबू धाबी स्थित 'बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट' (Barakah Nuclear Power Plant) के बाहरी हिस्से में एक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई।
ईरान संकट के बीच 20 हजार टन LPG लेकर मार्शल आइलैंड्स का टैंकर 'सिमी' सुरक्षित गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। जानिए होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और मिडिल ईस्ट जंग से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स।
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया चीन दौरे के बाद एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने चीन से मिले सभी गिफ्ट, बैज, फोन और दूसरे सामान ट्रंप के विमान एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले डस्टबिन में फेंक दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना जरूरी है। तीन दिवसीय चीन यात्रा के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ईरान, ताइवान और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लंबी चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अबू धाबी यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच रक्षा, ऊर्जा और सुपरकंप्यूटर सहित 7 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
जापान के उत्तरी हिस्से में शुक्रवार को 6.3 तीव्रता का तेज भूकंप आया। मियागी प्रांत के पास आए इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद चीन जाकर शी जिनपिंग से इस महामुलाकात का सच जानेंगे। जानिए क्रेमलिन ने क्या कहा।
ओमान के पास गुजरात का मालवाहक जहाज MSV हाजी अली संदिग्ध हमले के बाद डूब गया। 14 क्रू मेंबर्स सुरक्षित। हफ्ते भर में गुजरात के दूसरे जहाज पर हमला।
युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक (ईंधन संकट), सामरिक (अमेरिकी इनाम) और राजनयिक (सऊदी-ईरान तल्खी) परिणाम वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान की IRGC के वित्तीय नेटवर्क और अवैध तेल कारोबार को निशाना बनाते हुए 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है। जानें ट्रंप प्रशासन की नई 'आर्थिक प्रहार' नीति के बारे में।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह