सतना में बदलते मौसम के साथ वायरल अटैक ने चिंता बढ़ा दी है। दिवाली अवकाश के बाद खुले जिला अस्पताल में एक ही दिन में 1640 मरीजों ने ओपीडी में इलाज कराया, जिनमें से 140 को भर्ती की सलाह दी गई। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों में बुखार, खांसी, श्वसन समस्या, बॉडी पेन और कमजोरी जैसे लक्षण बढ़े हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में हो रहे मौसम परिवर्तन के चलते मरीजों की संख्या भी बढ़ गई। दिवाली अवकाश के बाद खुले जिला अस्पताल में शुक्रवार को भारी संख्या में मरीजों की भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही अपना ओपीडी पर्चा बनवाने मरीज परिजन लाइन में खड़े नजर आए। आलम यह रहा कि ओपीडी में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। लाइन में खड़े मरीज और मरीज के परिजन अपने नंबर का इंतजार करते नजर आये। बताया गया कि दिवाली छुट्टी के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1640 मरीजों ने अपना पंजीयन कराकर ओपीडी में इलाज करवाया जिसमे से 140 अति गंभीर मरीजों को भर्ती की सलाह दी गई। चिकित्सकों के मुताबिक इस समय मरीज में फिर से वायरल अटैक देखने को मिल रहा है। मरीजों में बुखार, खांसी और श्वसन संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा कई मरीजों में शरीर दर्द, घुटनो और मशल्स में दर्द की शिकायतें देखने को भी मिल रही है। चिकत्सकों के मुताबिक वर्तमान में हालत यह है कि हर दुसरे मरीज को भर्ती करने की सलाह दी जा रही है।
अभी और बढ़ेंगे मरीज, रखें सावधानी ताकि न आए अटैक
मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. मनोज प्रजापति ने बताया की इस बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस समय मरीजों में वायरल बुखार फिर से देखने को मिल रहा है जिसमे मरीज को सर्दी-खांसी, बुखार और प्लेटलेट काम होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा जिन मरीजों को डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारी है उन्हें भी ठण्ड में सावधानी रखने की जरूरत है क्योंकि ठण्ड के मौसम में मरीजों में अटैक की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
मेडिसिन और चेस्ट रोग की ओपीडी में लम्बी कतार
जिला अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. दिव्यांत गुप्ता ने बताया कि मौसमी परिवर्तन ने फिर से बीमारियों को बढ़ा दिया है। मेडिसिन की ओपीडी में शुक्रवार को चार सौ से अधिक लोगों ने अपना इलाज करवाया जहां 50 से अधिक अति गंभीर मरीजों को भर्ती होने की सलाह दी गई। बताया गया कि 70 फीसदी मरीज वायरल बुखार एवं 20 फीसदी मरीज शुगर-बीपी के थे। इसके अलावा कई मरीजों में खांसी के बाद चेस्ट पेन की शिकायत भी थी। चेस्ट पेन के मरीजों को एक्सरे और ईसीजी जांच कराने की सलाह भी दी गई। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस तोमर ने बताया कि मौसम परिवर्तन से अस्थमा और श्वसन से संबंधित मरीजों में बृद्धि देखने को मिली है। शुक्रवार को चेस्ट से सम्बंधित 62 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया।
बच्चों की ओपीडी भी हाउस फुल
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव प्रजापति ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चो में इस समय तेज बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को को बच्चों की ओपीडी दो सौ के पार रही। कई बच्चों में खांसी,निमोनिया, श्वांस की बीमारी और इंफेक्शन जैसे लक्षण भी पाए गए। चिकित्सकों के अनुसार, छोटे बच्चों में कई मामलों में बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल भर्ती करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि इस वायरल बुखार के बाद कई बच्चों को चक्कर जैसे लक्षण भी नजर आ रहे हैं जिन्हे भर्ती कर सिटी स्कैन जांच कराई जा रही है।
गायनी में उमड़ी महिलाओं की भीड़
गायनी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाषिनी मिश्रा ने बताया कि अवकाश के बाद अस्पताल खुलते ही गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य रोग की महिला मरीज अपना इलाज कराने पहुंची। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कुल 234 महिला मरीजों ने ओपीडी में पंजीयन कराकर इलाज करवाया जिसमे से 87 गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप भी किया गया।


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