परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद छात्रों को निशाना बनाए जाने का विरोध। युवा मोर्चों ने सरकार को दी चेतावनी, कानूनी सहायता की घोषणा।

फाइल फोटो
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देशभर में परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और व्यवस्थागत खामियों के खिलाफ मुखर हुए युवा संगठनों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा युवाओं से किए गए वादों और गारंटियों पर जल्द से जल्द ठोस अमल नहीं किया गया, तो देश का युवा एक बार फिर बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने के लिए विवश होगा। यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में समाप्त हुए एक बड़े छात्र आंदोलन के बाद उपजे तनाव और कानूनी विवादों के बीच सामने आया है।
युवा मोर्चों ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब से राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों को विराम दिया गया है, तब से विभिन्न जगहों पर आंदोलन से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों को व्यक्तिगत रूप से चिन्हित कर परेशान किया जा रहा है। नेताओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन द्वारा छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर गलत कानूनी कार्रवाई और नोटिस भेजने का सिलसिला शुरू किया गया है, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। इस प्रकार की दमनकारी रणनीतियों का मकसद युवाओं की आवाज को दबाना है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चेतावनी: "यदि सरकार ने अपनी गारंटियों पर समय रहते ईमानदारी से अमल नहीं किया, तो छात्र शक्ति एक बार फिर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर मोर्चा संभालेगी।"
प्रभावित छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों और कानूनविदों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह घोषणा की गई है कि गलत कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म और फंड तैयार किया जाएगा। इसके जरिए देश के किसी भी कोने में न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं को कानूनी सहायता मुहैया कराई जाएगी ताकि वे इस तानाशाही रवैये के आगे अकेले न पड़ें।
युवा संगठनों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि उनका संघर्ष केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे या कागजी आश्वासनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर है। यदि शासन व्यवस्था ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और वादों से पीछे हटने की कोशिश की, तो यह चिंगारी दोबारा विकराल रूप ले सकती है।
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