वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के दबाव में आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति रही। आईटी शेयरों में तेजी और रियल्टी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला नजर आ रहा है।

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया
सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में लाभ-हानि के बीच उतार-चढ़ाव बना रहा
रुपया डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 95.63 पर पहुंचा
मुंबई। स्टार समाचार वेब
वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के दबाव में आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति रही। आईटी शेयरों में तेजी और रियल्टी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला नजर आ रहा है। दरअसल, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में लाभ और हानि के बीच उतार-चढ़ाव बना रहा। यह स्थिति अमेरिकी फेडरल रिजर्व के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद बनी। फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, कई नीति निर्माताओं ने इस साल के अंत में ब्याज दर में वृद्धि का संकेत दिया है। इस घोषणा का असर बाजार की चाल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक गति और विदेशी पूंजी के प्रवाह के चलते शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 95.63 पर पहुंच गया। सेंसेक्स 77,643.80 अंक पर -10.80 अंक (-0.01 फीसदी) की मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी ने 24,260.15 अंक पर 9.96 अंक (0.04 फीसदी) की मामूली बढ़त हासिल की।
रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में गिरावट
बाजार में आईटी क्षेत्र के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में उत्साह रहा। इसके विपरीत, रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर के निवेशक चिंतित दिखे। भारतीय इक्विटी बाजारों ने दिन की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ की थी। शुरुआती कारोबार में बाजार ने अपनी ऊपर की गति को सफलतापूर्वक बनाए रखा।
बाजार को अतिरिक्त सहारा
भारतीय रुपया में कमजोर स्तरों से सुधार आया, जिससे बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों की शॉर्ट कवरिंग ने भी बाजार की समग्र धारणा को बेहतर बनाया। विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में निफ्टी एक प्रमुख प्रतिरोध क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है। यह क्षेत्र 24,500 से 24,600 अंकों के बीच स्थित है। यह स्तर मौजूदा महीने के उच्च और अप्रैल 2026 के शिखर के संगम से चिह्नित है।
वैश्विक बाजारों पर यह रहा असर
गुरुवार को वैश्विक शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुझान दर्ज किया गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ा। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 11:42 बजे तक एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की वृद्धि देखी गई। जापान का टोपिक्स सूचकांक 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। आॅस्ट्रेलिया का एसएंडपी-एएस 200 सूचकांक भी 0.5 फीसदी नीचे आया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहा, उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार के उतार-चढ़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय बाजार को इन कारकों से मिला सहारा
भारतीय इक्विटी बाजारों ने दिन की शुरुआत काफी मजबूत स्थिति के साथ की थी। बाजार ने शुरुआती घंटों में अपनी ऊपर की गति को सफलतापूर्वक बनाए रखा। इस सकारात्मक रुझान के पीछे कई प्रमुख कारक जिम्मेदार थे। भारतीय रुपया में कमजोर स्तरों से सुधार देखने को मिला। रुपया की मजबूती ने निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने में मदद की। इसके अतिरिक्त, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा शॉर्ट कवरिंग की गई। शॉर्ट कवरिंग से बाजार में खरीदारी का दबाव बढ़ा और नकारात्मकता कम हुई। इन सभी कारकों ने मिलकर बाजार की समग्र धारणा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


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आज भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक चुनौतियों के बात भी मजबूत बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 200 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 23,450 के ऊपर रहा और आईटी सूचकांक में 3 फीसदी से अधिक की तेजी आई। दरअसल, वैश्विक स्तर पर बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और कच्चे तेल के दामों ने निवेशकों को चिंतित किया।
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सोने-चांदी के दाम में आज गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 269 रुपए गिरकर 1.53 लाख रुपए पर आ गई है। एक किलो चांदी की कीमत 3,742 रुपए कम होकर करीब 2.30 लाख रुपए हो गई है।
एपल ने देर रात लॉन्च इवेंट सरप्राइज एंड शाइन में अपने पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ के साथ 6 डिवाइस लॉन्च किए। आईफोन डुओ में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और अंदर 7.6-इंच की मेन स्क्रीन है, जो अब तक के किसी भी आईफोन का सबसे बड़ा डिस्प्ले है।
स्मार्टफोन की दुनिया में फोल्डेबल फोन कभी महज एक महंगा प्रयोग माने जाते थे, लेकिन अब यह प्रीमियम मोबाइल बाजार का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इस बदलाव में सैमसंग की भूमिका सबसे बड़ी रही है। यानी जिस बाजार को सैमसंग ने कई साल तक तैयार किया, वहां अब एपल सीधे प्रीमियम सेगमेंट में मुकाबले के लिए उतरने वाला है।
भारतीय शेयर बाजार आज कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 533 अंक या 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,044 और निफ्टी 135 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,498 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम आईटी और सर्विसेज सेक्टर ने किया।
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 400 अंक लुढ़क गया। निफ्टी भी 23,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। अडानी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में रहे। दरअसल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव डाल रही हैं।