केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स के अधिकारियों व जवानों के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के पुलिस-2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवधि कार्मिकों के संबंधित एजेंसी में शामिल होने के पहले दिन से ही लागू मानी जाएगी।

प्रतिनियुक्ति की समय-सीमा बढ़ाकर सात वर्ष की गई
केंद्रीय गृह मंत्री की मंजूरी के बाद जारी किए आदेश
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स के अधिकारियों व जवानों के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब सीबीआई, एनआईए, एनएसजी, एनसीबी और एनडीआरएफ जैसी देश की पांच प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कार्मिकों का कार्यकाल 5 साल के बजाय 7 साल का होगा। गृह मंत्रालय के पुलिस-2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवधि कार्मिकों के संबंधित एजेंसी में शामिल होने के पहले दिन से ही लागू मानी जाएगी।
इस लिए लिया गया यह फैसला
अनुभव और संस्थागत ज्ञान: विशेष कार्यक्षेत्र वाली इन एजेंसियों में अनुभवी अधिकारियों की लंबे समय तक मौजूदगी से उनके संस्थागत ज्ञान का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
एनएसजी-सीबीआई की पहल: सबसे पहले एनएसजी ने गृह मंत्रालय से कार्यकाल बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद मई में सीबीआई ने भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा था।
समीक्षा और परामर्श: सीएपीएफ और असम राइफल्स के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह पाया गया कि कार्यकाल बढ़ाने से न केवल जांच और आपरेशन्स की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नए प्रतिस्थापनों के चयन और प्रशिक्षण के लिए एजेंसियों को पर्याप्त समय भी मिल सकेगा।
नीतिगत नियमों में संशोधन: इस बदलाव को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय ने 22 नवंबर 2016 के अपने पुराने नीतिगत दिशा-निदेर्शों के पैराग्राफ 3 (बी) (2) में संशोधन किया है। यह नया आदेश केंद्रीय गृह मंत्री की स्वीकृति से तत्काल प्रभाव से जारी कर दिया गया है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स के अधिकारियों व जवानों के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के पुलिस-2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवधि कार्मिकों के संबंधित एजेंसी में शामिल होने के पहले दिन से ही लागू मानी जाएगी।
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