भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के मामले में मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में आज इस केस की बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।

राज्य सरकार पेश करेगी हलफनामा और फैसले का आधार
सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिया था विवादित बयान
भोपाल। स्टार समाचार वेब
भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के मामले में मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में आज इस केस की बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। आज की सुनवाई में राज्य सरकार को अपना हलफनामा और फैसले का आधार पेश करना होगा। यदि सुप्रीम कोर्ट सरकार के तर्कों से संतुष्ट नहीं होता, तो वह इस फैसले की न्यायिक समीक्षा कर इसे पलट भी सकता है। इससे पहले, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंत्री के खिलाफ केस चलाने (अभियोजन) की मंजूरी न देने का प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल मंगू भाई पटेल को भेजा था। 25 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में पांच वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री के खिलाफ केस न चलाने का प्रस्ताव पास किया गया। कैबिनेट का मुख्य तर्क है कि विजय शाह सार्वजनिक रूप से और लिखित में 3-4 बार माफी मांग चुके हैं।
अंतिम निर्णय राज्यपाल का होगा
कानूनी जानकारों का मानना है कि कैबिनेट की सिफारिश के बावजूद अंतिम निर्णय राज्यपाल का होगा। वर्ष 2003 के एक पुराने मामले (राजेंद्र सिंह प्रकरण) का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि तत्कालीन राज्यपाल ने कैबिनेट के इंकार को पलटकर मंत्री पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।
विवाद की मुख्य वजह
मई 2025 में इंदौर के महू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। मामले पर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने जांच पूरी कर मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
मामले में लगातार हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही सरकार को फटकार लगा चुका है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था-अब बहुत हो चुका, हमारे आदेश का पालन कीजिए। मंत्री द्वारा मांगी गई माफी को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह माफी दिल से नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मांगी गई है।


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