दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया में एक सैन्य परिसर में हुए जोरदार विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। स्थानीय स्वास्थ्य निदेशक रीटा नेब्रास्का के मुताबिक, हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालांकि, मृतकों की संख्या बढ़कर 15 तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

परिसर में रक्षा मंत्रालय के भंडार में रखी आतिशबाजी मौजूद थी
ला पाज। स्टार समाचार वेब
दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया में एक सैन्य परिसर में हुए जोरदार विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। स्थानीय स्वास्थ्य निदेशक रीटा नेब्रास्का के मुताबिक, हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालांकि, मृतकों की संख्या बढ़कर 15 तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। विस्फोट वियाचा स्थित सैन्य परिसर में हुआ। यह इलाका बोलिविया की राजधानी ला पाज से करीब 30 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, धमाका उस हिस्से में हुआ जहां आतिशबाजी और पायरोटेक्निक सामग्री रखी गई थी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट की शुरुआत किस वजह से हुई। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में रक्षा मंत्रालय के भंडार में रखी आतिशबाजी मौजूद थी।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
स्वास्थ्य निदेशक रीटा नेब्रास्का ने बताया कि 62 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी और मृतकों की संख्या 15 तक पहुंच सकती है। घायल लोगों में से 14 को इलाज के लिए ला पाज के अस्पतालों में ले जाया गया। इनमें एक बच्ची भी शामिल थी, जो तीसरी डिग्री तक जल गई। पुलिस के अनुसार, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए और विस्फोट की वजह से आसपास के दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई घरों की खिड़कियां टूट गईं।
राहत और बचाव केइंतजाम किए गए
विस्फोट की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं सैन्य परिसर पहुंचीं। घायलों को चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस, मेडिकल टीम और पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाने का काम शुरू किया।
परिसर में दोबारा विस्फोट का खतरा
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सैन्य परिसर से दूर रहने की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि दमकलकर्मियों को परिसर में अब भी गर्मी का एक स्रोत मिला है, जिससे दोबारा विस्फोट होने की आशंका बनी हुई है। इसी खतरे को देखते हुए लोगों से घटनास्थल से कम से कम 150 मीटर की दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों की प्राथमिकता फिलहाल इलाके को सुरक्षित करना और घायलों को उपचार उपलब्ध कराना है।


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