पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है।
By: Arvind Mishra
Mar 27, 20269:46 AM
मंत्रालय ने कहा-कटौती तत्काल प्रभाव से लागू
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 13 रुपए थी, वो अब घटकर 3 रुपए रह गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 10 रुपए थी, वो अब शून्य हो गई है। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से जूझ रही तेल विपणन कंपनियों, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी, को राहत देने के लिए उठाया गया है।
कंपनियों का मिली राहत
मंत्रालय ने कहा कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सरकार ने इस संकट के बावजूद अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे देश में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में थीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य की अहम भूमिका
होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए दुनिया की कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। यह रोजाना 20 से 25 मिलियन बैरल तेल और गैस की आपूर्ति का मार्ग है, जिससे वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहा है। युद्ध से पहले भारत इस मार्ग से आने वाले कुल तेल का 12 से 15 प्रतिशत आयात करता था। ऐसे में इस संकट का सीधा असर देश की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।
नायरा ने बढ़ाए फ्यूल के दाम
देश की एक प्राइवेट तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे। इसने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये की बढ़ोतरी की थी। कंपनी का कहना था कि प्राइवेट कंपनियों को सरकार की ओर से राहत नहीं मिलता है, जिस कारण उसे अपने नुकसान की भरपाई के लिए फ्यूल प्राइस में इजाफा करना पड़ रहा है। देश भर में इसके 6,900 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं।
देश में तेल का पर्याप्त भंडार
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी मची थी। लोग यहां पेट्रोल और डीजल की पैनिंक बाइंग कर रहे थे। ऐसे में सरकार ने यह फैसला लेकर यह बताने का प्रयास किया है कि भारत में तेल की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियां बाहर से तेल खरीद रही हैं और उनके पास पर्याप्त भंडार मौजूद है. केंद्र सरकार ने भी कई बार स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की देश में कोई कमी नहीं है। तेल का भंडार देश में मौजूद है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।