मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष विभाग के कॉलेजों में बड़ा बदलाव होगा। मध्यप्रदेश सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मंत्री इंदरसिंह परमार ने विभाग के अगले मिशन का प्लान बताया।

मंत्री इंदरसिंह परमार ने विभाग के अगले मिशन का प्लान बताया।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष विभाग के कॉलेजों में बड़ा बदलाव होगा। मध्यप्रदेश सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मंत्री इंदरसिंह परमार ने विभाग के अगले मिशन का प्लान बताया। दरअसल, आज सोमवार को प्रदेश उच्च शिक्ष मंत्री इंदर सिंह परमार ने घोषणा की कि अब प्रदेश में नए सत्र से कॉलेजों में स्टूडेंट्स की सार्थक एप से हाजिरी लगाई जाएगी। फस्ट ईयर के सिलेबस में भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन कराया जाएगा। कॉपियों को जांचने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अतिथि विद्वान को सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा मॉडल का अध्ययन कर एक ठोस नीति तैयार की जा रही है, जो उन्हें लंबे समय तक कार्य करने की सुरक्षा प्रदान करेगी।
सरकार उठा रही सख्त कदम
संवाददाताओं से चर्चा के दौरान मंत्री परमार ने कहा-सरकारी कॉलेजों में शैक्षणिक माहौल को सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अगले सत्र से कॉलेजों में प्रोफेसरों के साथ-साथ अब विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सार्थक ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
83 विषयों का नया सिलेबस
शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के विषयों को पहले साल के सिलेबस में शामिल किया गया है। अगले साल से इसकी विधिवत पढ़ाई शुरू होगी, जिससे छात्र भारत के प्राचीन शिक्षा दर्शन और अनुसंधान से जुड़ सकेंगे। 83 विषयों का नया सिलेबस तैयार किया गया है, जो आधुनिकता और परंपरा का मिश्रण है।
अब डिजिटल मूल्यांकन
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा-डिजिटल मूल्यांकन अनिवार्य होगा। यानी कॉपियों को जांचने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। परीक्षकों के पास कॉपियां ऑनलाइन भेजी जाएंगी, जिससे परिणाम जल्दी आने की उम्मीद है।
पॉलीटेक्निक कॉलेजों को 12वीं तक की मान्यता
प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों को अब पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को कक्षा 12वीं के समकक्ष मान्यता दी गई है। जो छात्र 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक में प्रवेश लेते हैं, उन्हें अब अलग से 12वीं करने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे स्नातक की अन्य डिग्री के लिए भी पात्र माने जाएंगे।
खनिज प्रौद्योगिकी का नया केंद्र स्थापित होगा
मध्यप्रदेश में खनिज प्रौद्योगिकी विद्यालय खोले जाने की तैयारी की जा रही है। यह संस्थान खनिज क्षेत्र में आधुनिक अनुसंधान और तकनीकी कौशल विकास का मुख्य केंद्र बनेगा, जिससे खनन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


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