नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया आनलाइन माध्यम से संचालित होगी।

पूरी प्रक्रिया आनलाइन होगी, डिजिटल दस्तावेज मान्य
मध्य प्रदेश में भवन निर्माण के नियमों में बड़ा बदलाव
भोपाल। स्टार समाचार वेब
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया आनलाइन माध्यम से संचालित होगी। दरअसल, मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब घर या बिल्डिंग बनाने अलग-अलग विभागों से अनुमति (एनओसी) लेने की झंझट से बड़ी राहत दी गई यानी अब प्रक्रिया और आसान कर दी गई है। अब कई विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। सरकार की पहल से अब हाउसिंग सोसायटी, नजूल और बिजली विभाग समेत कई मामलों में आवेदकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही भवन अनुज्ञा की पूरी प्रक्रिया आनलाइन होगी और केवल डिजिटल दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे।
भवन परमिशन प्रोसेस आसान
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को आसान, फास्ट और पारदर्शी बनाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। इससे आम नागरिकों के साथ निवेशकों, बिल्डर्स और निर्माण एजेंसियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
कई विभागों की एनओसी से छुटकारा
नए निर्देश के तहत सहकारिता विभाग एवं गृह निर्माण सहकारी समितियों, नजूल और बिजली विभाग से मांगी जाने वाली कई प्रकार की एनओसी की अनिवार्यता खत्म कर दी है। रक्षा प्रतिष्ठानों, मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में भी अब आवेदकों को स्वयं एनओसी लाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
खास मामलों में प्रक्रिया अपनाई जाएगी
यदि किसी मामले में संबंधित विभाग की राय लेना बेहद जरूरी होगा तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के सात दिन के भीतर प्रकरण संबंधित विभाग को भेजेगा। इसके बाद विभाग को 21 दिन में अपनी अनापत्ति या आपत्ति देनी होगी। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर भवन अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इन मामलों में एनओसी की बाध्यता
सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और हेरिटेज क्षेत्रों से संबंधित एनओसी केवल उन्हीं मामलों में जरूरी होगी, जहां आनलाइन जीआईएस आधारित जांच में भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा। अन्य मामलों में इनकी जरूरत नहीं होगी।
पर्यावरण और फायर नियम ये होंगे
तय क्षेत्रफल से बड़े भवनों और प्रोजेक्ट्स के लिए ही पर्यावरणीय स्वीकृति आवश्यक होगी। वृक्ष कटाई की अनुमति भी केवल उन्हीं मामलों में लेनी होगी, जहां वास्तव में पेड़ काटे जाने हों। फायर ब्रिगेड (फायर) अनापत्ति के नियम राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुसार लागू रहेंगे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में प्रदेश में संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान जनसहभागिता के माध्यम से एक प्रभावी सामाजिक जनआंदोलन के रूप में स्थापित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत बालाघाट पुलिस द्वारा नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित अभिनव पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया आनलाइन माध्यम से संचालित होगी।
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