मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इसका नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। लोकार्पण समारोह का आयोजन महानद्दा में किया गया था।

जबलपुर में मध्य प्रदेश का सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण कार्यक्रम।
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इसका नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। लोकार्पण समारोह का आयोजन महानद्दा में किया गया था। यह फ्लाईओवर 1150 करोड़ की लागत से बना है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जबलपुर और भोपाल के बीच एक नया हाईवे बनेगा। 1500 करोड़ बजट का प्रस्ताव डीपीआर पर काम जारी करीब 235 किलोमीटर लंबा होगा। गडकरी ने कहा कि राकेश सिंह जब सांसद थे तब उन्होंने इस ब्रिज की मांग की। सीआरएस का फंड काफी कम रहता है। उसे कम या ज्यादा नहीं कर सकते। देश के इतिहास में पहली बार 1200 करोड़ का फ्लाईओवर सीआरएफ पर मंजूर हुआ। मैं जबलपुर आया था तब बताया गया कि ये राष्ट्रीय राजमार्ग है, वापस गया, तो पता चला राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं है। तब मैंने कमलनाथ से निवेदन किया कि सीआरएफ में प्रपोजल भेज दो, मैं दो गुनी राशि दूंगा। जबलपुर की जनता का अभिनंदन। उस दौरान कमलनाथ सीएम थे।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा- देश में पीएम मोदी का नेतृत्व नहीं होती, सड़क परिवहन मंत्री गडकरी नहीं होती। मप्र में भाजपा सरकार नहीं होती और मोहन यादव मुख्यमंत्री नहीं होते तो यह ब्रिज नहीं बन सकता था। अधिकारियों ने मना कर दिया था कि यह ब्रिज नहीं बन पाएगा, तब गडकरी जी ने बैठकें की और रास्ता निकाला। देश में कहीं भी इतनी बड़ी राशि केंद्रीय फंड से नहीं दी गई। कांग्रेस सरकार ने रोक लगाई। गडकरी जी ने सरकार से कह दिया यह ब्रिज नहीं बना, तो मप्र को कुछ नहीं मिलेगा।
कार्यक्रम में मंच से जबलपुर सांसद आशीष दुबे ने बांधवगढ़ के लिए जबलपुर से एक सीधी रोड का प्रस्ताव नितिन गडकरी के सामने रखा। लोकार्पण कार्यक्रम उपरांत केंद्रीय मंत्री दो हजार करोड़ से ज्यादा लागत वाली सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इसमें 605 करोड़ का रिंग रोड का पाचवां हिस्सा शामिल है। वहीं 230 करोड़ की लागत से रीवा-लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण का कार्य होगा।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने फ्लाईओवर के लोकार्पण के दौरान ही अमझर बरेला रोड फोर लेन रिंग रोड निर्माण के पांचवें हिस्से का भी शिलान्यास किया। इसकी लागत 607 करोड़ है। रिंग रोड के 114 किमी के हिस्से में यह पांचवां और अंतिम हिस्सा 18 किमी है, जो अभी तक फाइनल नहीं हुआ था। इससे अलावा चार हिस्से में सड़क निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
फ्लाईओवर से इन क्षेत्रों की दूरी हुई कम
लेग-1 : दमोहनाका से दमोह रोड वाले लेग से विजय नगर, यादव कालोनी, एसबीआइ चौक, संजीवनी नगर, पाटन बायपास, दमोह रोड, कटंगी, आरटीओ, आईटीआई, आईएसबीटी, माढ़ोताल की तरफ पहुंच सकते हैं।
लेग-2 : दमोहनाका से खजरी बायपास, मझौली बिरसामुंडा चौक, आधारताल, कृषि विश्वविद्यालय पनागर, कटनी रोड, महाराजपुर, आंबेडकर चौक रेलवे स्टेशन।
लेग-3 : रानीताल से गढ़ा, मदन महल रेलवे स्टेशन, संजीवनी नगर, मेडिकल कालेज, कछपुरा ब्रिज, गुलौआ चौक, विजय नगर, आईएसबीटी।
लेग-4 : मालवीय चौक, सिविक सेंटर, मालवीय चौक, बड़ा फुहारा, गोलबाजार, जबलपुर स्टेशन हाई कोर्ट, राइट टाउन स्टेडियम, शास्त्री ब्रिज।
लेग-5 : मदन महल स्टेशन से शास्त्री ब्रिज नेपियर टाउन, मदन महल थाना, होमसाइंस कॉलेज, मानकुंवर बाई कॉलेज, एमएलबी स्कूल, भंवरताल पार्क।
लेग-6 : स्नेह नगर लिंक रोड, गुलौआ चौक पंडा की मढ़िया, गढ़ा, यादव कॉलोनी, मेहता पेट्रोल पंप, विजयनगर।
लेग-7 : गोरखपुर, सिविक सेंटर, शास्त्री ब्रिज मालवीय चौक, रसलचौक, सदर, सिविल लाइन गौरीघाट, कटंगा चौराहा।
लेग-8 : मेडिकल कॉलेज, तिलवारा घाट, भोपाल, नागपुर, धनवंतरि नगर, अंधमूक बायपास त्रिपुरी चौक, भेड़ाघाट, शक्ति नगर, बाजना मठ।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।