हमास और इजरायल के बीच जारी जंग अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति लाने का एक पीस प्लान का प्रस्ताव पेश किया है। डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस प्लान पर दुनिया भर की प्रतिक्रिया आने लगी है। अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप के गाजा प्लान का खुलकर समर्थन किया है।

अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप के गाजा प्लान का खुलकर समर्थन किया है।
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
हमास और इजरायल के बीच जारी जंग अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति लाने का एक पीस प्लान का प्रस्ताव पेश किया है। डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस प्लान पर दुनिया भर की प्रतिक्रिया आने लगी है। अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप के गाजा प्लान का खुलकर समर्थन किया है। पीएम मोदी ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा-भारत का फुल सपोर्ट है और हम सभी ट्रंप की पहल को लेकर एकजुट होंगे। इस तरह अमेरिका के प्लान को भारत का साथ मिल गया है। दरअसल, इजरायल और गाजा में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए शांति योजना की पेशकश की है। इस शांति प्रस्ताव को लेकर ट्रंप का कहना है कि इसके बाद दोनों पक्षों को बीच जंग थम जाएगी। ट्रंप की शांति योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा- हम राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रंप की पहल के पीछे एकजुट होंगे और जंग को समाप्त करने और शांति सुनिश्चित करने के इस प्रयास का समर्थन करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा के लिए 20 सूत्री योजना पर सहमति जताने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद दिया। साथ ही फलस्तीनी समूह हमास को चेतावनी दी कि यदि वे इस समझौते को अस्वीकार करते हैं तो इजरायल को इस आतंकवादी समूह को तबाह करने के लिए अमेरिका का पूरा समर्थन मिलेगा।
व्हाइट हाउस में नेतन्याहू के साथ बोलते हुए ट्रंप ने कहा-हमास के खतरे को खत्म करने के लिए इजरायल को मेरा पूरा समर्थन प्राप्त है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि हम शांति के लिए एक समझौता करेंगे और अगर हमास इस समझौते को अस्वीकार कर देता है, जो कि हमेशा संभव है, तो वे अकेले ही बचेंगे। बाकी सभी ने इसे स्वीकार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें सकारात्मक जवाब मिलेगा।
ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना
1. गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, ताकि वह पड़ोसी देशों के लिए कोई खतरा न बने।
2. गाजा का पुनर्निर्माण और विकास कार्य शुरू होगा, जिससे वहां के लोगों का जीवन बेहतर हो।
3. जैसे ही दोनों पक्ष इस योजना को स्वीकार करेंगे, इस्राइल तुरंत सैन्य अभियान रोक देगा और चरणबद्ध तरीके से गाजा से सेना हटाएगा।
4. इस्राइल के सार्वजनिक रूप से योजना स्वीकार करने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा।
5. बंधकों की रिहाई के बाद इस्राइल अपने यहां आजीवन कारावास की सजा पाए 250 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इसके अलावा 7 अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद हिरासत में लिए गए 1700 गाजावासियों की भी रिहाई होगी। इसके अलावा हर एक इस्राइली बंधक के शव के बदले इस्राइल को गाजा के 15 कैदियों के शव लौटाने होंगे।
6. जो हमास सदस्य शांतिपूर्वक साथ रहने की शपथ लेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो बाहर जाना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता और किसी इच्छुक देश में बसने की सुविधा मिलेगी।
7. समझौते के बाद मानवीय सहायता गाजा में बड़े पैमाने पर भेजी जाएगी। रोजाना कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री पहुंचेंगे।
8. सहायता सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रिसेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से किया जाएगा।
9. गाजा का प्रशासन फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय समिति की निगरानी में चलाया जाएगा। इसका नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप खुद करेंगे। ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर इसमें उनका साथ देंगे।
10. गाजा के लिए एक आर्थिक पुनर्निर्माण योजना बनाई जाएगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हों। इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आगे बढ़ाएंगी।
11. गाजा में विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित होगा, जहां करों में छूट और व्यापारिक सुविधाएं दी जाएंगी।
12. किसी भी निवासी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। जो बाहर जाएंगे, उन्हें वापस लौटने का अधिकार होगा।
13. गाजा की शासन व्यवस्था में हमास को कोई भूमिका नहीं मिलेगी और सभी आतंकी सुरंगें व सैन्य ढांचे नष्ट किए जाएंगे।
क्षेत्रीय देश यह सुनिश्चित करेंगे कि हमास और अन्य समूह समझौते का पालन करें।
14. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मदद से अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात होंगे। ये सुरक्षा और स्थानीय पुलिस को प्रशिक्षण देंगे।
15. इस्राइल न तो गाजा का विलय करेगा और न ही स्थायी कब्जा।
16. अगर हमास प्रस्ताव को मानने में देरी करता है, तो पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी।
17. इस्राइल कतर पर हमला नहीं करेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट में कतर की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देगा।
18. गाजा के लोगों को चरमपंथ से दूर करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
19. जब गाजा का पुनर्निर्माण और फलस्तीनी प्राधिकरण का सुधार कार्यक्रम पूरा हो जाएगा, तब भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता खुल सकता है।
20. अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीन के बीच लंबे समय तक के राजनीतिक समाधान पर बातचीत को आगे बढ़ाएगा।


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