मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने अपने छात्र जीवन (एबीवीपी) से लेकर राजनीति के सफर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पुराने संघर्षों और वक्फ बोर्ड की नई रणनीतियों पर खुलकर बात की।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल से खास बातचीत:
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने अपने छात्र जीवन (एबीवीपी) से लेकर राजनीति के सफर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पुराने संघर्षों और वक्फ बोर्ड की नई रणनीतियों पर खुलकर बात की। प्रस्तुत हैं इस साक्षात्कार के मुख्य अंश:
सवाल: विद्यार्थी परिषद से कैसे जुड़े और फिर भाजपा तक का सफर कैसे तय हुआ?
जवाब: मैं उज्जैन के कालियादेह (भैरवगढ़) का रहने वाला हूँ। हम खेती-किसानी से जुड़े परिवार से हैं। उज्जैन के लोकमान्य तिलक विद्यालय में मेरा एडमिशन हुआ था, जो विचार परिवार से काफी प्रभावित था। स्कूल के दिनों में विद्यार्थी परिषद की गतिविधियाँ और नारे सुनकर मैं काफी प्रभावित हुआ। हायर एजुकेशन तक पहुँचते-पहुँचते हम विद्यार्थी परिषद के पक्के कार्यकर्ता बन गए और फिर पार्टी में काम करने का अवसर मिला।
सवाल: उस दौर में जब आप छात्र राजनीति में थे, तो विपक्ष में होने के कारण लाठियां भी खानी पड़ी होंगी?
जवाब: दिग्विजय सिंह के दूसरे कार्यकाल के दौरान का एक वाक़्या है। संगठन ने उनके दौरे के विरोध का फैसला किया था। हमारी छोटी सी टोली, जिसमें आज के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल थे, ने महाकाल से हरसिद्धि जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास मोर्चा संभाला था। जैसे ही उनका काफिला निकला, डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़कर काला झंडा दिखाया। पुलिस ने चारों तरफ से हमें घेर लिया, लेकिन मोहन जी ने कहा—यह हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम डरने वाले नहीं हैं।
सवाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ आपका पहला संवाद कब हुआ था?
जवाब: जब उज्जैन में एबीवीपी मजबूत नहीं थी, तब डॉ. मोहन यादव ने पहले साल संयुक्त सचिव और अगले साल अध्यक्ष का चुनाव जीता। डॉ. यादव लंबे संघर्ष के बाद तीन बार एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री बने। जूनियर होने के नाते हम उनके जीवन और कार्यशैली से बेहद प्रभावित थे।
सवाल: वक्फ बोर्ड के दूसरे कार्यकाल में आपने वक्फ की संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए?
जवाब: चंद लोगों ने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करके दानदाताओं के उद्देश्यों को तहस-नहस कर दिया है। हमने आते ही सबसे बड़े मामलों पर कार्रवाई की है। भोपाल के शाहजहांनी यतीमखाना के मामले में देश का सबसे बड़ा 9 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया है। इसके अलावा उज्जैन में 116 दुकानें निकलीं, जिसमें 7 करोड़ 11 लाख रुपये की रिकवरी और एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई हुई। सागर के बीना में 1.84 करोड़, इंदौर में 1.14 करोड़, जबलपुर में 90 लाख और भोपाल सब्जी मंडी में 1 करोड़ रुपये की अनियमितताओं पर सख्त एक्शन लिया गया है। हम सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसी मामलों के लिए एसटीएफ जैसी अलग इकाई बनाई जाए।
सवाल: इन अवैध कब्जों और मामलों में क्या सिर्फ पदाधिकारी ही शामिल हैं?
जवाब: 99% मुस्लिम समुदाय के लोग ही इसमें हैं। गरीब आदमी तो किराया दे देता है, लेकिन तथाकथित नेता, गुंडे, पहलवान और प्रभावशाली लोग इन अवैध कब्जों के पीछे हैं।
सवाल: अवैध कब्जों और मामलों के बीच वक्फ बोर्ड पूरी तरह 'नीट एंड क्लीन' कब तक हो जाएगा?
जवाब: मैं आशावादी हूँ और रात-दिन मेहनत कर रहा हूँ। हमारी आय बढ़ेगी तभी हम परोपकार के कार्य कर पाएंगे। 2025 में नए वक्फ कानून के आने के बाद भी मध्य प्रदेश में पाँच नए वक्फ बने हैं, जिससे लोगों का विश्वास वापस लौट रहा है।
सवाल: अवैध कब्जों पर कार्रवाई के दौरान आपको किस तरह की धमकियाँ या दुआएँ मिलीं?
जवाब: हमें अच्छे लोगों और मेधावी बेटियों की बहुत दुआएँ मिलीं, लेकिन दुष्टों की धमकियाँ भी मिलीं। एक बार तो मेरे पुत्र को भी जान से मारने की धमकी दी गई और 'सर तन से जुदा' करने की बात कही गई।
सवाल: वक्फ बोर्ड अब शिक्षा और विकास के क्षेत्र में क्या नई पहल कर रहा है?
जवाब: हमने 'पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो' नीति बनाई है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में 850 मेधावी बेटियों की पढ़ाई और फीस में सहयोग किया गया है। हम चाहते हैं कि आम मुसलमान का बेटा भी डॉक्टर और इंजीनियर बनकर मुख्यधारा में आए।
सवाल: क्या आपके दोनों बेटे भी डॉक्टर हैं और रामलीला में भाग लेते हैं?
जवाब: ईश्वर की कृपा से मेरे दोनों बेटों ने एमबीबीएस किया है, बड़ा बेटा गोल्ड मेडलिस्ट एमएस है। जब वे छोटे थे तो बाल विक्रमादित्य का रोल करते थे और अब बड़े होने पर मुख्य विक्रमादित्य का रोल करते हैं।
सवाल: क्या सनवर पटेल की इच्छा आगामी किसी चुनाव में मैदान में उतरने की है?
जवाब: पार्टी ने मुझे संगठन में कई बड़े अवसर दिए हैं। पार्टी ने मुझे टिकट से कहीं ज्यादा दिया है। इसलिए मैं कभी टिकट की माँग नहीं करूँगा, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊँगा।
सवाल: उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ होना है, वहां किस तरह के विकास कार्य हो रहे हैं।
जवाब: उज्जैन में 30 से 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। अगले 50 वर्षों की कल्पना को ध्यान में रखकर वहाँ सिक्स लेन, नए घाट, ब्रिज और सड़कों का चौड़ीकरण जैसे ऐतिहासिक विकास कार्य हो रहे हैं। विकास के लिए तोड़फोड़ होती है भड़काने वालों के कारण विरोध होता है।
रैपिड फायर
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता।
• नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी: सबसे ज्यादा चुनाव हारने वाले नेता।
• कमलनाथ: सफल उद्योगपति।
• दिग्विजय सिंह: कांग्रेस का बुरा हाल करने वाले नेता।
• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: मध्य प्रदेश को स्वर्णिम राज्य बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले विकास पुरुष।
• असदुद्दीन ओवैसी: सिर्फ भड़काने का काम करने वाले।
• सनवर पटेल:गाँव-देहात से आया हुआ एक छोटा सा कार्यकर्ता।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने अपने छात्र जीवन (एबीवीपी) से लेकर राजनीति के सफर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पुराने संघर्षों और वक्फ बोर्ड की नई रणनीतियों पर खुलकर बात की।
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