कटनी के स्लीमनाबाद स्थित बरगी बांध दांई तट टनल परियोजना में अब केवल 119 मीटर कार्य बचा है। सांसद गणेश सिंह ने निरीक्षण कर बताया कि अक्टूबर 2026 तक नर्मदा जल सतना, मैहर और रीवा के किसानों तक पहुंचेगा।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
कटनी जिले के स्लीमनाबाद स्थित बरगी बांध की दांई तट टनल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सांसद गणेश सिंह ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि टनल निर्माण में अब केवल 119 मीटर कार्य बाकी है और फिलहाल कोई बड़ी बाधा शेष नहीं है। अधिकारियों के अनुसार टनल का मुख्य कार्य 15 जून तक पूरा होने की संभावना है।
एहतियात के तौर पर अतिरिक्त 10 दिनों का समय भी रखा गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मशीन और अंदर मौजूद सामग्री को बाहर निकालने के लिए पहले से विशेष वेल तैयार किया गया है, जिससे प्रक्रिया में देरी न हो। मशीन हटाने में करीब दो से ढाई महीने का समय लग सकता है।
अक्टूबर 2026 का है लक्ष्य
सांसद गणेश सिंह ने विश्वास जताया कि अक्टूबर 2026 तक मां नर्मदा का जल सतना, मैहर और रीवा जिले के किसानों के खेतों तक पहुंचने लगेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगी और उनके राजनीतिक जीवन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल होंगी। उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए राज्य सरकार, कटनी जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री द्वारा परियोजना को सीएम मॉनिटरिंग में लेकर तेजी से आगे बढ़ाने की भी उन्होंने सराहना की।

Ch

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में कम बारिश और सूखे के संकट को देखते हुए भोपाल में कांग्रेस नेताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। गधों को गुलाब जामुन खिलाकर इंद्र देव को प्रसन्न करने की लोक परंपरा निभाई।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करेंगे। सोशल मीडिया से दूरी बनाते हुए उन्होंने मंदिर चंदे के हिसाब के लिए कानूनी लड़ाई का ऐलान किया है।
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल के समर्थन में भोपाल में बड़ा बयान दिया। पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने और किसानों की समस्याओं पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
सीधी में तेंदूपत्ता संग्राहकों की 47 करोड़ रुपये से अधिक मजदूरी भुगतान अटका है। एचडीएफसी और एक्सिस बैंक पर भुगतान में देरी के आरोप लगे हैं, जबकि श्रमिक आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं।
रीवा में मानसून की रफ्तार थमने से बांधों का जलस्तर लगातार घट रहा है। बारिश नहीं होने से किसान बोनी और रोपाई को लेकर असमंजस में हैं, जबकि बाणसागर सहित प्रमुख जलाशयों पर संकट गहराने लगा है।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का लोकार्पण किया, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार और नैकहाई शहीद स्मारक कार्यों का निरीक्षण किया। विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए।
रीवा के मनगवां में पुलिस ने ट्रक से 20 क्विंटल 30 किलो गांजा बरामद किया। मक्का की बोरियों की आड़ में तस्करी की जा रही थी। दो आरोपी गिरफ्तार, कुल जब्ती 4.61 करोड़ रुपये की।
रीवा-शहडोल मार्ग की छुहिया घाटी में दो यात्री बसों की टक्कर से कई यात्री घायल हुए। वहीं जोगिनिहाई टोल प्लाजा के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की हालत गंभीर बताई गई।
राजस्थान की साइबर क्राइम टीम ने 18.93 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी मामले में मैहर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में म्यूल बैंक खातों और ई-मित्र सेंटर के जरिए साइबर नेटवर्क संचालित होने का खुलासा हुआ।
स्लीमनाबाद की 11.952 किलोमीटर लंबी बरगी टनल का निर्माण पूरा हुआ। इससे सतना सहित पांच जिलों के 1,012 गांवों और 1.85 लाख हेक्टेयर भूमि को नर्मदा का सिंचाई जल उपलब्ध होगा।