भोपाल के बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। FTL के दायरे में बने फार्म हाउस और अवैध निर्माण तोड़े जा रहे हैं। जानें पूरी खबर और भू-माफिया का फर्जीवाड़ा।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
भोपाल के बड़ा तालाब (भोज वेटलैंड) को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार से शुरू हुई इस विशेष कार्रवाई में तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आ रहे अवैध फार्म हाउस और बंगलों को जेसीबी की मदद से जमींदोज किया जा रहा है।
नगर निगम ने हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में अपनी 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) पेश की थी, जिसमें चिन्हित 21 अवैध निर्माणों को हटाने का संकल्प लिया गया था। इसी क्रम में शनिवार को गौरागांव और बिशनखेड़ी क्षेत्र में कार्रवाई की शुरुआत की गई। निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता के नेतृत्व में टीटी नगर एसडीएम और तहसीलदार की उपस्थिति में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि ये सभी निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के किए गए हैं।
प्रशासन द्वारा 5 फरवरी से शुरू किए गए सीमांकन अभियान में अब तक तालाब के आसपास कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से अब तक केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हट पाए हैं, जबकि 296 अभी भी शेष हैं। सर्वे के अनुसार, चिन्हित निर्माणों में से 18 निर्माण 2022 के बाद किए गए हैं। सेवनिया गौंड, प्रेमपुरा, भदभदा और सूरजनगर जैसे क्षेत्रों में बड़े रिसोर्ट और रसूखदारों के फार्म हाउस भी प्रशासन की रडार पर हैं।
इस पूरे मामले में एक बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। बड़ा तालाब की सीमा तय करने वाली मुनारों में भी हेरफेर की गई है। मौके पर पांच अलग-अलग तरह की मुनारें पाई गई हैं, जिनमें से केवल एक पर 'BMC' अंकित है, बाकी सभी संदिग्ध हैं। भू-माफिया इन फर्जी मुनारों का सहारा लेकर लोगों को तालाब के प्रतिबंधित क्षेत्र में कम दाम पर जमीन बेचने का भ्रम फैला रहे हैं, जिसके इर्द-गिर्द ये अवैध निर्माण खड़े किए गए हैं।

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