भोपाल फार्मेसी काउंसिल परिसर में मारपीट के वायरल वीडियो पर पुलिस ने अध्यक्ष संजय जैन समेत अन्य पर FIR दर्ज की है। वहीं, पीड़ित तुषार सोनारे पर भी शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज हुआ। विवाद सर्टिफिकेट पर डिजिटल साइन को लेकर था। पूरी खबर और दोनों पक्षों के आरोप जानिए।
By: Ajay Tiwari
Nov 29, 20256:51 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
भोपाल में फार्मेसी काउंसिल दफ्तर के परिसर में एक युवक के साथ हुई मारपीट के मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई मारपीट के वायरल वीडियो को आधार पर की गई है। वहीं, मारपीट का शिकार हुए युवक तुषार सोनारे के खिलाफ भी फार्मेसी काउंसिल के एक कर्मचारी की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट का एक अलग मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मारपीट का वायरल वीडियो और पीड़ित का बयान
पीड़ित युवक तुषार सोनारे ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन, केके यादव, गोपाल यादव और अन्य अधिकारियों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। तुषार ने आरोप लगाया कि उन्हें घसीटकर अंदर ले जाया गया और उनके प्राइवेट पार्ट पर भी मारा गया, जिससे उन्हें ब्लीडिंग हो रही है। तुषार ने वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए दावा किया कि मारपीट के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी सिर्फ खड़ा देखता रहा।
विवाद का कारण: डिजिटल साइन
तुषार सोनारे ने बताया कि वह अपने सर्टिफिकेट पर डिजिटल साइन कराने के लिए पिछले एक महीने से लगातार काउंसिल के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें हर बार टाल दिया जाता था। शुक्रवार को जब वह फिर से काउंसिल पहुँचे और रजिस्ट्रार मैडम से शिकायत करने गए, तो वे लंच पर चली गईं और घंटों तक नहीं लौटीं। जब वह एक अधिकारी के केबिन में जाने लगे, तो गार्ड ने उन्हें रोक दिया। तुषार का कहना है कि गार्ड ने उनका कॉलर पकड़ा और धक्का दिया। जब उन्होंने खुद को छुड़ाया तो गार्ड पीछे गिर गया और चैनल से टकरा गया। इसके बाद पूरा स्टाफ बाहर आ गया और उन्हें घेरकर मारने लगा। तुषार ने यह भी बताया कि लगातार निराशा के कारण वह अपनी और अन्य स्टूडेंट्स की आपबीती को वीडियो में रिकॉर्ड कर रहे थे। जब अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, तो वे नाराज हो गए, बाहर आए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। तुषार और उनके परिवार ने मांग की थी कि अध्यक्ष संजय जैन, केके यादव, गोपाल यादव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और एफआईआर दर्ज की जाए।
शासकीय कार्य में बाधा का पलटवार
उधर, फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि युवक को बाहर किसने मारा, लेकिन उन्होंने दावा किया कि तुषार ने पहले गार्ड के साथ मारपीट की थी, जिससे गार्ड के सिर से खून बहने लगा था। संजय जैन का कहना है कि युवक ने कैंपस में हंगामा किया, जिससे शासकीय कार्य में बाधा पहुंची, और इसी का मामला उनकी तरफ से थाने में दर्ज कराया गया है। उन्होंने सरकार से काउंसिल में विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस-एफआईआर
हबीबगंज थाना टीआई संजीव चौकसे के अनुसार, जेपी अस्पताल के लेखापाल गोपाल सिंह यादव की शिकायत पर तुषार सोनारे के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली देने, जान से मारने की धमकी देने और मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, तुषार सोनारे की शिकायत पर जितेंद्र, संजय जैन और अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है।