
भोपाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी गहन परीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एक सुपरवाइजर और एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कलेक्टर ने यह कार्रवाई देर रात हुई समीक्षा बैठक के बाद की।
जिन दो कर्मचारियों पर गाज गिरी है, उनमें सुपरवाइजर अनंत लाल मिश्रा और बीएलओ शुभम प्रताप सिंह शामिल हैं। दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक भी गणना पत्र को बीएलओ ऐप पर डिजिटलाइज नहीं किया, जो कि एक गंभीर लापरवाही है।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस कार्रवाई के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को अपने काम में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने कहा कि वह स्वयं इस कार्य की निगरानी के लिए मैदान में उतर रहे हैं।
वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण की प्रगति को लेकर कलेक्टर सिंह ने रविवार रात को विधानसभावार उच्च स्तरीय बैठक ली। इसमें एडीएम, नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर, ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर), ईपीआरओ, डिप्टी कलेक्टर, आईटी टीम प्रभारी और सभी सुपरवाइजर शामिल हुए। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि अब हर दो घंटे में सुपरवाइजर एक निर्धारित फॉर्मेट में अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। एसआईआर कार्य को गति देने के लिए कलेक्टर ने वरिष्ठ अफसरों को विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि अगले 10 दिनों के भीतर फॉर्म भरने का कार्य पूरा किया जा सके।

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भोपाल रेल मंडल के यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव बिना टिकट और नियमों के उल्लंघन से जुड़े किए गए हैं। अब बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। अनियमित यात्रा या गलत टिकट पर यात्रा करने पर भी यही नियम लागू होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश में जगह-जगह सामूहिक योग किए गए। जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग किया।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि-पूजन, 5657 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, पीएम आवास योजना और कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट।
सीधी के खैरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए, जबकि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सिंगरौली की अमलोरी कोल माइंस में डंपर 100 फीट गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर की मौत हो गई। हादसे ने खदानों में श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित परिवार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तिरपाल और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मुआवजा मिलने के बावजूद स्थायी पुनर्स्थापन और बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार जारी है।
रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सतना के धवारी स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में बिना मीटर सीधे ट्रांसफॉर्मर से बिजली उपयोग का मामला सामने आया। बिजली विभाग की जांच में अवैध कनेक्शन पकड़े गए, जिससे निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।
चित्रकूट में 36.84 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कामदगिरी परिक्रमा मार्ग की गुणवत्ता जांच में खामियां मिलीं। कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया।