भोपाल में एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 63 युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू। मुख्यमंत्री मोहन यादव और नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकतंत्र व युवा नेतृत्व पर साझा किए विचार।
By: Ajay Tiwari
Mar 30, 20261:58 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार से दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' काआगाज हुआ। इसमें मध्य प्रदेश सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 63 युवा विधायक (45 वर्ष से कम आयु) शिरकत कर रहे हैं। सम्मेलन के पहले दिन लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सहभागिता पर गहन चर्चा हुई।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण बिंदु रखा। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र किसी पश्चिमी देश के मॉडल की फोटोकॉपी नहीं है। यह हमारी सदियों पुरानी सभ्यता, सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं की कोख से जन्मा है।
मुख्यमंत्री ने युवा जनप्रतिनिधियों को गुरुमंत्र देते हुए कहा कि राजनीति में अनुशासन और व्यवहार में शालीनता ही एक नेता की असली पहचान है। विधायकों को केवल सत्ता का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, बल्कि अपने क्षेत्र की समस्याओं को गहराई से समझकर जनता के बीच रहना चाहिए। भारत 2047 तक 'विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर है और इसमें युवा नेतृत्व की भूमिका सबसे अहम है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि किसी भी संविधान की सफलता उसे चलाने वालों की 'नीयत' पर निर्भर करती है। उन्होंने युवाओं को 'बदलाव का वाहक' बताया और कहा कि जब नागरिक सक्रिय होते हैं, तभी जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी के प्रति अधिक सजग होते हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने युवाओं के राजनीतिक कौशल को निखारने के लिए छात्र संघ चुनावों की बहाली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर से ही नेतृत्व की नींव पड़ती है। सिंघार ने विधायकों को सुझाव दिया कि सीमित संसाधनों के बीच जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना ही असली चुनौती और सफलता है।
सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक लोक नृत्यों के साथ हुई, जिसने मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत की झलक पेश की। इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा?
कुल सत्र: दो दिनों में कुल 5 वैचारिक सत्र आयोजित होंगे।
31 मार्च का एजेंडा: सम्मेलन के अंतिम दिन 'विकसित भारत 2047: चुनौतियां और उत्तरदायित्व' विषय पर मंथन होगा।
मुख्य अतिथि: समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के शामिल होने की संभावना है।