सतना में भाजपा के जिला प्रशिक्षण शिविरों में मोबाइल बैन रहेगा, सत्रों के बाद टेस्ट अनिवार्य, 36 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण, अनुपस्थित रहने पर पद पर संकट, एकाग्रता और अनुशासन बढ़ाने की नई पहल

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
अभी तक अक्सर देखा जाता था कि परीक्षाआें में मोबाइल प्रतिबंधित रहता था लेकिन अब राजनीतिक दल भी अपनी बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों में इसे बैन करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी अपने जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविरों से करने जा रही है। इसके लिए प्रशिक्षण स्थलों पर मोबाइल बाक्स रखे जाएंगे। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले दीनदयाल प्रशिक्षण शिविरों के दौरान चलने वाले सत्रों के बाद कार्यकर्ताओं का टेस्ट भी होगा।
इस टेस्ट के जरिए पार्टी यह देखेगी कि दो दिनों तक चले 12 सत्रों के दौरान नेताओं- कार्यकर्ताओं ने क्या सुना और क्या समझा? वे सत्रों को कितनी एकाग्रता से ले रहे थे? दरअसल, भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति और वर्तमान चुनौतियों से अवगत कराने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करने जा रही है। यह प्रशिक्षण शिविर 31 मई तक आयोजित होंगे जिसमें मंत्री- सांसद से लेकर मंडल प्रभारी तक शामिल होंगे।
बनेगा काउंटर, जारी होगा टोकन नंबर
जिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होने वाले नेताओं के मोबाइल परीक्षाओं की तरह पहले ही जमा करा लिए जाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षण स्थल पर एक मोबाइल काउंटर बना होगा। जहां एक टोकन नंबर देकर मोबाइल जमा करा लिया जाएगा। इस पहल के पीछे तर्क यहां दिया जा रहा है कि प्रशिक्षण वर्ग के समय यदि नेताओं के पास मोबाइल होगा तो उनका ध्यान प्रशिक्षण में कम मोबाइल चलाने में ज्यादा होगा।
मंत्री हो या सांसद प्रशिक्षण स्थल में ही गुजारनी होगी रात
जिला स्तरीय प्रशिक्षण के लिए पार्टी ने एक अपेक्षित श्रेणी तय की है। इस श्रेणी में मंत्री से लेकर सांसद तक शामिल हैं। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण में एक रात सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण स्थल पर ही गुजारनी होगी। चाहे वे मंत्री -सांसद हों या पदाधिकारी। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के लिए जो अपेक्षित श्रेणी बनाई गई है उसमें जिला पदाधिकारी, जिला मोर्चा अध्यक्ष एवं महामंत्री, मंडल अध्यक्ष एवं महामंत्री, मंडल प्रभारी, प्रकोष्ठ के जिला संयोजक, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर एवं नगर पालिका अध्यक्ष, प्रकोष्ठ एवं मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी (जिले में रहने वाले) जिला स्तरीय अन्य दलों से आए हुए कार्यकर्ता, राष्टÑीय एवं प्रदेश समिति के जिले में रहने वाले सदस्य, स्थानीय स्तर पर जिले की टोली कुछ अन्य नाम निर्धारित कर सकती है।
चेक किया जाएगा क्या सीखा
प्रशिक्षण वर्ग के बाद नेताओं को पोस्ट टेस्ट देना होगा। यानी प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने क्या सीखा, उनको क्या जानकारी मिली, उन्हें किस सत्र में बताई गई कौन सी बात याद रही। प्रशिक्षण के बाद होने वाली परीक्षा में प्रशिक्षण में बताई गई जानकारी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। ये वैकल्पिक प्रश्न होंगे जिनके उत्तर मोबाइल में संगठन एप में दिए जा सकेगें। इसके पीछे की पार्टी की मंशा यह देखने की है कि प्रशिक्षण सत्रों को नेताओं ने कितनी एकाग्रता से सुना।
अनुपस्थित रहे तो गवां सकते हैं पद
भारतीय जनता पार्टी प्रशिक्षण शिविरों को लेकर कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशिक्षण शिविरों के लिए जो अपेक्षित श्रेणी तय की गई है उस श्रेणी के पदाधिकारी यदि प्रशिक्षण शिविर से गायब रहते हैं तो उनके पद पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर (वर्ग) में मोबाइल पूरी तरह से बैन रहेगा। इस प्रशिक्षण शिविर के लिए अपेक्षित श्रेणी के नेताओं का 36 घंटे (सुबह 10 बजे से अगले दिन शाम तक) का प्रशिक्षण चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान चले 12 सत्रों में जिन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा उससे जुड़ी विषयों को लेकर प्रशिक्षणार्थियों का टेस्ट भी होगा। दो दिनों के इस सत्र में प्रशिक्षण स्थल पर प्रशिक्षणार्थियों को रात्रि गुजारना अनिवार्य होगा अन्यथा प्रशिक्षण पूर्ण नहीं माना जाएगा।
योगेश ताम्रकार, प्रशिक्षण प्रभारी रीवा संभाग


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