चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया। दस स्वास्थ्य टीमें और मलेरिया दल घर-घर सर्वे, जांच, दवा वितरण और फॉगिंग करेंगे।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट क्षेत्र में अब स्वास्थ्य विभाग ने संभावित जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए मोर्चा संभाल लिया है। रीवा संभागायुक्त की बैठक में दिए गए निदेर्शों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ल ने विशेष स्वास्थ्य निगरानी अभियान के आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक 2 सितंबर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वे शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य अमला प्रभावित परिवारों की जानकारी जुटाने के साथ जरूरत के अनुसार क्लोरीन की गोलियां वितरित करेगा और लोगों को स्वच्छता व बीमारियों से बचाव के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा देगा। प्रभावित क्षेत्र में 10 स्वास्थ्य टीमें और अलग से मलेरिया टीम तैनात की गई हैं, जो मझगवां बीएमओ डॉ रूपेश सोनी को अपनी आमद दर्ज कराएंगे। इस दौरान किसी भी कर्मी का अवकाश मान्य नहीं होगा। मलेरिया विभाग से बालमुकुंद सेन प्रभारी एएमओ के नेतृत्व में फील्ड वर्कर की ड्यूटी लगाई गई है वहीं सभी दलों में सेक्टर सुपरवाइजर एवं सीएचओ की तैनाती की गई है।
बुखार मिला तो होगी तत्काल जांच
अभियान के दौरान बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान पर विशेष जोर रहेगा। मलेरिया टीम को फीवर सर्वे और फॉगिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी बाढ़ का पानी उतरने के बाद मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से मलेरिया समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को लेकर विभाग पहले से सतर्क है।
बाढ़ के बाद अब बीमारी की चुनौती
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी और नमी के लंबे समय तक बने रहने से दूषित पानी तथा मच्छरों के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान केवल सर्वे तक सीमित न रहकर बीमारी के संभावित प्रसार को शुरूआती स्तर पर रोकने की परीक्षा भी होगा। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह है कि स्वास्थ्य टीमें कितनी तेजी से हर प्रभावित घर तक पहुंचती हैं और बुखार, दूषित पानी तथा मच्छरजनित बीमारी के संदिग्ध मामलों को समय रहते पकड़ पाती हैं।
छुट्टियां रद्द, मैदान में उतरेंगी टीमें
बाढ़ प्रभावित परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित नहीं रहेगा। निर्धारित तिथि पर कार्य शुरू नहीं करने या आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। टीमों को घर-घर सर्वे, क्लोरीन टैबलेट वितरण, फीवर सर्वे और फॉगिंग की दैनिक प्रगति की जानकारी बीएमओ के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लगा शिविर, पहुंचे सीएमएचओ, बांटी जा रही दवाइयां
अतिवृष्टि एवं बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सघन स्वास्थ्य सर्वे एवं उपचार अभियान चलाया जा रहा है। विगत दो दिनों से डॉ. मनोज शुक्ला पूरी स्वास्थ्य टीम के साथ चित्रकूट में रुककर राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अभियान के दौरान हनुमान धारा आश्रम, बागड़ी धर्मशाला, आचार्य आश्रम, पीएससी चित्रकूट, वार्ड क्र. 5 एवं 6, भरत घाट तथा खटकन मोहल्ला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में टीमों द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान बीमार एवं जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यकतानुसार दवाइयां एवं मेडिसिन किट उपलब्ध कराई गईं। अभियान के तहत 295 प्रभावित घरों का सर्वे किया गया। विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में बागड़ी धर्मशाला में 90, हनुमान धारा में 273, आचार्य आश्रम में 95 तथा संतोषी अखाड़ा में 130 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार दवाइयां वितरित की गईं, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की दवा का वितरण कर लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का उपयोग करने तथा बाढ़ के बाद होने वाली संभावित बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की समझाइश दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने स्वयं विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों एवं सर्वे स्थलों का निरीक्षण किया तथा जरूरतमंद एवं बाढ़ प्रभावित मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण कर घर-घर स्वास्थ्य सर्वे, मरीजों की जांच, उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान डॉ. रूपेश सोनी,बीएमओ, डॉ. प्रदीप गौतम, डॉ. धर्मेंद्र पांडे, प्रभारी पीएचसी चित्रकूट सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी स्वास्थ्य दल सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

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