मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
By: Ajay Tiwari
Mar 31, 20263:58 PM
वाराणसी। स्टारसमाचार वेब
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन कर दोनों राज्यों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए, अब मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर सुशासन और धार्मिक पर्यटन की नई इबारत लिखेंगे।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल (उज्जैन) के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री ने काशी कॉरिडोर के प्रबंधन को बारीकी से समझा। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ बैठक कर निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की:
क्राउड मैनेजमेंट: भीड़ को नियंत्रित करने के आधुनिक तरीके।
टोकन सिस्टम: मोबाइल ऐप आधारित सुगम दर्शन व्यवस्था।
SOP और तकनीक: रियल टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग और जोन-बेस्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन के चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन को दुनिया के सामने लाने के लिए वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक एक भव्य महानाट्य का मंचन किया जाएगा। इसमें सैकड़ों कलाकार, हाथी-घोड़ों के साथ प्राचीन भारत की गौरवशाली परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन करेंगे।
धार्मिक संबंधों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों का भाग्य बदलेगा, जिससे सिंचाई और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।