फीफा ने मानवीय आधार पर लिया बड़ा फैसला
सोमाली रेफरी को आर्थिक नुकसान से बचाया।

स्पोर्ट्स डेस्क। स्टार समाचार वेब

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए चुने गए सोमाली रेफरी उमर अब्दुलकादिर ऑर्टन (Omar Abdulkadir Artan) को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। 34 वर्षीय ऑर्टन को अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वैध वीजा होने के बावजूद प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्हें वापस इस्तांबुल और फिर सोमालिया लौटना पड़ा।

फीफा ने दिखाई दरियादिली

भले ही ऑर्टन मैदान पर रेफरी की भूमिका नहीं निभा पाएंगे, लेकिन फीफा ने यह सुनिश्चित किया है कि उन्हें कोई वित्तीय नुकसान न हो। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, फीफा ऑर्टन को टूर्नामेंट के लिए निर्धारित पूरी फीस का भुगतान करेगा। फीफा का यह कदम उन परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है, जो उनके नियंत्रण से बाहर थीं।

इतिहास रचने से चूके ऑर्टन

उमर ऑर्टन का चयन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए 52 चयनित रेफरी की सूची में हुआ था। यदि उन्हें अमेरिका में प्रवेश मिल जाता, तो वे फीफा वर्ल्ड कप में मैच का संचालन करने वाले पहले सोमाली रेफरी बनकर इतिहास रच देते। ऑर्टन 2018 से फीफा-लिस्टेड रेफरी हैं और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (AFCON) जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में अपने कौशल का लोहा मनवा चुके हैं।

क्या कहा फीफा ने?

फीफा ने स्पष्ट किया है कि वे मेजबान देशों की इमिग्रेशन और वीजा प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। एक आधिकारिक बयान में फीफा ने कहा-

"फीफा पुष्टि करता है कि उमर अब्दुलकादिर ऑर्टन अमेरिका में एंट्री न मिलने के कारण वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। मेजबान देश की सरकार ही यह तय करती है कि किसे देश में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।"

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