क्या आप जानते हैं भारत का समय दुनिया के समय से कितना अलग है? भारतीय मानक समय (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के बीच के अंतर और समय गणना के रोचक तथ्यों को यहाँ विस्तार से समझें।

भारत का समय, पृथ्वी का समय
वाराणसी। स्टार समाचार वेब
बाबा विश्वनाथ को समर्पित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी माननीय डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश द्वारा माननीय योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को प्रतिपदा, वैशाख कृष्ण पक्ष, विक्रम सम्वत् 2083, (03 अप्रैल 2026) को भेंट की गई और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को द्वितीया, वैशाख कृष्ण पक्ष, विक्रम सम्वत् 2083 (04 अप्रैल 2026) को मंदिर प्रांगण में स्थापित की गई।
कालगणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के स्थापना के बाद यह भारतवर्ष में स्थापित ज्योतिर्लिंगों में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की श्रृंखला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव जी की मंशा अनुसार सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्पण की गई है। भारत के स्वाभिमान के पुनर्स्थापन के लिए भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना उज्जैन में की गयी है। जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2024 में किया गया था। इस घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है। अतः जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होगा उस स्थान की काल गणना तदनुसार होगी। स्टेंडर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहेगा। इस घड़ी के माध्यम से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टेंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार डॉ. श्रीराम तिवारी ने बताया कि भारत ने विश्व को सूर्य और प्रकृति के अनुरूप समय-निर्धारण का अद्वितीय दृष्टिकोण प्रदान किया है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपने गौरवशाली अतीत को सहेजते हुए उसे वर्तमान में जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वैदिक घड़ी की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हमारी ऐतिहासिक स्मृतियों को संरक्षित करने का कार्य कर रही है।
वाराणसी के बाद अब आगामी समय में राम मंदिर सहित अभी ज्योतिर्लिंगों पर भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जाएगी।
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के माध्यम से प्रतिदिन के सूर्योदय और सूर्यास्त की सटीक गणना के साथ-साथ दिन के 30 मुहूर्तों का विस्तृत और प्रामाणिक विवरण प्राप्त होगा। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी आधुनिकता और परंपरा के समन्वय की एक सशक्त प्रतीक है। यह न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करती है, बल्कि युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा भी देती है।
जानिए क्या है 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी'?
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी
भारत का समय- पृथ्वी का समय
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया। (दिनांक 29 फ़रवरी 2024)
वैदिक समय प्रणाली
यह घड़ी एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय के मध्य समय की गणना करती है। दो सूर्योदयों के बीच एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित किया जाता है।
मुहूर्त, कला एवं काष्ठा
प्रत्येक मुहूर्त सामान्यतः लगभग 48 मिनट के बराबर होता है, किंतु इसकी अवधि घड़ी की भौगोलिक स्थिति, सूर्योदय-सूर्यास्त समय तथा सूर्य के कोण के अनुसार परिवर्तित होती है।
मुहूर्त
मुहूर्त = 30 कला
1 कला = 96 सेकंड
1 कला = 30 काष्ठा
1 काष्ठा = 3.2 सेकंड
अर्थात् 30 मुहूर्त : 30 कला : 30 काष्ठा
इनकी अवधि भी पर्यवेक्षक के स्थानानुसार परिवर्तित हो सकती है।
समय निर्धारण का आधार
यह घड़ी सूर्य के कोण (Solar Angle) तथा पर्यवेक्षक की स्थान-विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को सम्मिलित कर समय का निर्धारण करती है। जिस स्थान पर सूर्योदय का समय होता है, उसी के अनुसार उस स्थान का वैदिक समय प्रदर्शित किया जाता है।
घड़ी में प्रदर्शित जानकारी
वैदिक समय, भारतीय मानक समय (IST), स्थान(Location), पंचांग, विक्रम सम्वत्, तिथि, मुहूर्त, योग, करण, नक्षत्र, सूर्य राशि, चन्द्र राशि।
क्या आप जानते हैं भारत का समय दुनिया के समय से कितना अलग है? भारतीय मानक समय (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के बीच के अंतर और समय गणना के रोचक तथ्यों को यहाँ विस्तार से समझें।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को कोलकाता जैसे शहरों पर हमले की धमकी दी है। जानें राजनाथ सिंह के 'निर्णायक जवाब' और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की पूरी रिपोर्ट।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीती रात अचानक आए भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। अचानक आधी रात जमीन हिलने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बीएसएफ के जवान चुनाव में वोटिंग बूथ पर मतदाताओं के पहचान पत्र की जांच करेंगे। इतना ही नहीं, मतदान केंद्र पर जो सीसीटीवी कैमरा लगा होगा, उसका पूरा नियंत्रण भी बीएसएफ के पास रहेगा।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर सोझा के पास जलोड़ा में टैंपो ट्रैवलर (डीएल 1वीसी-4958) खाई में लुढ़क गई। बीती देर रात हुए हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 घायल और दो लापता हैं।
रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े शिकोहपुर लैंड डील मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा। जानें ईडी की चार्जशीट और 58 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों का पूरा सच।
जानें पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु चुनाव के लेटेस्ट अपडेट्स। ममता बनर्जी की मालदा रैली, राहुल गांधी के तीखे बयान और चुनाव आयोग की 'होम वोटिंग' सुविधा की पूरी जानकारी।
उत्तराखंड के रेलवे स्टेशन की पिट लाइन में मरम्मत कार्य के दौरान आज यानी शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। रेलगाड़ी के पीछे लगने वाला जनरेटर और गार्ड कोच अचानक बिना इंजन के ही ढलान की ओर चल पड़ा। करीब 150 मीटर दूर जाकर पटरी से उतर गया।
केरलम के मलप्पुरम जिले के वंडूर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने जा रहे थरूर के वाहन को अज्ञात हमलावरों ने न केवल रोका, बल्कि उनके सुरक्षाकर्मी और चालक के साथ मारपीट भी की।
महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। एक मारुति एल-6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह